बैरक में एंट्री, धारदार हथियार से हमला और दो कैदियों का कत्ल! जेल में खूनी झड़प की कहानी क्या?

बैरक में एंट्री, धारदार हथियार से हमला और दो कैदियों का कत्ल! जेल में खूनी झड़प की कहानी क्या?
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संगरूर जेल में एक खूनी झड़प हुई है, जिसमें 9 कैदियों ने मिलकर 4 कैदियों पर हमला किया। इस हमले से वे गंभीर रूप से घायल हो गए. संगरूर की कारागार में हुए हमले के बाद, घायल कैदियों को अस्पताल में ले जाया गया. दुखद बात यह है कि इलाज के दौरान 2 कैदियों की मौत हो गई है। दूसरे 2 को पटियाला के अस्पताल में भर्ती कर दिया गया है.

डीआईजी जेल और संगरूर पुलिस के द्वारा पूरे मामले की जांच शुरू की गई है। अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी. पुलिस अब वह घटना जांच रही है जो कैदियों के बीच हुई. सूत्रों के मुताबिक, कल शाम को संगरूर जेल में 7 बजे, कैदियों की गिनती के बाद बैरक में बंद करने का प्रक्रियात्मक कार्य था. इसी समय, एक बैरक से 10 कैदियों ने हमला किया. उन्होंने तेज़ हथियारों का इस्तेमाल करके दो कैदियों की हत्या की.

पुलिस ने बताया कि कैदियों के बीच बगावत उनके आपसी विवाद के कारण हुआ। पहले वे सभी एक ही बैरक में बंद थे। इनमें से अधिकांश मामले धारा 302 के तहत दर्ज किए गए हैं. संगरूर जेल में विवाद की खबर आने के बाद, जेल के डॉक्टर ने चार कैदियों को संगरूर के सरकारी अस्पताल भेजा. संगरूर के सरकारी अस्पताल के डॉक्टर के मुताबिक, दो कैदियों की मौत उनके अस्पताल आने से पहले ही हो गई थी. वहीं अन्य दो और लोगों को गंभीर चोटें हैं जिन्हें पटियाला के राजेंद्र हॉस्पिटल भेज दिया गया है.

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अस्पताल तक पहुंचने से पहले ही दो कैदियों की मौत

अस्पताल के डॉ. करनदीप काहेल ने बताया कि जिला जेल में चार कैदियों को लेकर हमारे पास आए थे, जिनमें से दो कैदी हर्ष और धर्मेंद्र की मौत हो गयी थी. वहीं, गगनदीप सिंह और मोहम्मद शाहबाज की स्थिति गंभीर हो गई है, इस कारण पटियाला भेज दिया गया है.

कैदियों ने इतनी सख्ती के बावजूद कैसे प्राप्त किया धारदार लोहा?

जेल में रहने वाले लोगों के लिए सख्त नियम होते हैं. उन्हें ऐसे कपड़े और चीजें उपलब्ध नहीं कराई जातीं जो किसी को चोट पहुंचा सकें. हर वस्तु जो कैदियों तक पहुंचती है, उसकी जाँच होती है. उनके संदर्भ में आने वाले लोगों की भी सख्ती से जाँच की जाती है. जेल में कैमरे से भी निगरानी होती है.अब यह सवाल उठता है कि इतनी मजबूत सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद संगरूर जेल में लोहे के कई कैदियों के पास इस प्रकार के वस्त्र कहां से आए. जिससे दूसरी बैरक में घुसकर चार कैदियों पर हमला हो गया, जिससे दो की मौत हो गई और दो की हालत गंभीर है.

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