करनाल: बढ़ते प्रदूषण पर सख्ती, जेनरेटर और तंदूर जलाने पर रोक, 11 लोगों का चालान

करनाल: बढ़ते प्रदूषण पर सख्ती, जेनरेटर और तंदूर जलाने पर रोक, 11 लोगों का चालान
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करनाल ग्रैप-4 लागू, तंदूरी रोटी तक पर संकट

करनाल में बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए नगर निगम ने कड़े कदम उठाए हैं। बढ़ते प्रदूषण के चलते एनसीआर में ग्रैप-4 (ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान) लागू हो चुका है। इसके तहत होटल और ढाबों पर जेनरेटर चलाने और तंदूर जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। इस निर्णय से तंदूरी रोटी का स्वाद भी अब लोगों की थाली से गायब हो सकता है।

खुले में कूड़ा जलाने वालों पर कार्रवाई, 11 पर चालान

मंगलवार को करनाल नगर निगम ने सख्ती दिखाते हुए खुले में कूड़ा जलाने वाले 11 लोगों पर चालान किया। इन पर कुल 6,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया। वहीं, सिंगल-यूज प्लास्टिक का उपयोग करने वाले 9 दुकानदारों पर 4,500 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। इसके अलावा खुले में कूड़ा गिराने के लिए एक रेहड़ी को जब्त कर लिया गया।

तीन दिनों से खराब है हवा, AQI 152 पर पहुंचा

करनाल में पिछले तीन दिनों से वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) लगातार खराब श्रेणी में बना हुआ है। मंगलवार को करनाल शहर का AQI 152 दर्ज किया गया। भले ही कोहरा कम रहा और धूप खिली रही, लेकिन हवा की गुणवत्ता में सुधार नहीं हुआ।

निर्माण गतिविधियों पर सख्ती, 41 लोगों को नोटिस

प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए नगर निगम ने निर्माण गतिविधियों पर भी कड़े निर्देश जारी किए हैं। मंगलवार को भवन शाखा की टीम ने करनाल शहर में 41 लोगों को नोटिस जारी किए। इन पर आरोप था कि निर्माण सामग्री जैसे रेत, मिट्टी, और बजरी को ढककर नहीं रखा गया था। टीम ने मौके पर ही सामग्री को कवर करवाया और दोबारा उल्लंघन पाए जाने पर चालान की चेतावनी दी।

जोन इंचार्ज और सफाई दरोगा करेंगे निगरानी

करनाल नगर निगमायुक्त डॉ. वैशाली शर्मा ने बताया कि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए जोन इंचार्ज और सफाई दरोगाओं की ड्यूटी लगाई गई है। ये अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि क्षेत्र में जेनरेटर या तंदूर का प्रयोग न हो। यदि कोई दुकानदार या ढाबा संचालक इन निर्देशों का उल्लंघन करता है, तो मुख्य सफाई निरीक्षक द्वारा उसका चालान किया जाएगा।Flash

कूड़े में आग लगाने वालों पर सख्त कार्रवाई

करनाल नगर निगम ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कूड़े में आग लगाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। यदि कोई सफाई कर्मचारी भी इस नियम का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

सिंगल-यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध, दुकानदारों पर जुर्माना

सिंगल-यूज प्लास्टिक के खिलाफ नगर निगम की मुहिम भी जारी है। मंगलवार को 9 दुकानदारों पर इस नियम का उल्लंघन करने के लिए चालान किया गया। निगमायुक्त ने बताया कि प्लास्टिक प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए यह कदम बेहद जरूरी है।

तंदूरी रोटी का स्वाद हो सकता है गायब

ढाबों और होटलों पर तंदूर जलाने पर रोक के बाद तंदूरी रोटी और नान जैसी चीजें मिलना मुश्किल हो सकता है। यह प्रतिबंध प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों को नियंत्रित करने के लिए लगाया गया है।

नगर निगम की सख्ती से जनजीवन प्रभावित

यह फैसला स्थानीय लोगों और व्यापारियों के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है। ढाबा संचालकों और ग्राहकों को अब वैकल्पिक व्यवस्था करनी होगी। वहीं, नगर निगम ने लोगों से प्रदूषण कम करने में सहयोग करने की अपील की है।

निगरानी के लिए टीमें तैनात

नगर निगम ने निगरानी के लिए टीमें तैनात की हैं, जो यह सुनिश्चित करेंगी कि कहीं भी कूड़ा जलाया न जाए और न ही तंदूर व जेनरेटर का उपयोग हो। अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि नियम तोड़ने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए।

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के साथ बैठक

नगर निगमायुक्त ने हाल ही में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के साथ बैठक की थी, जिसमें निर्माण गतिविधियों पर रोक, कूड़े में आग न लगाने और प्रदूषण नियंत्रण के अन्य उपायों पर चर्चा की गई।

क्या हैं ग्रैप के तहत नियम?

ग्रैप-4 लागू होने पर वायु प्रदूषण को कम करने के लिए सख्त नियम लागू किए जाते हैं। इसके तहत निर्माण कार्य पर रोक, डीजल जेनरेटर का उपयोग बंद, और खुले में कूड़ा जलाने पर कड़ी कार्रवाई जैसे प्रावधान शामिल हैं।

निष्कर्ष: सहयोग से ही प्रदूषण पर लगेगी लगाम

करनाल में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए नगर निगम ने कई कड़े कदम उठाए हैं। हालांकि, इन प्रतिबंधों से लोगों की दिनचर्या और व्यापार पर असर पड़ सकता है। प्रशासन ने नागरिकों से प्रदूषण नियंत्रण के उपायों में सहयोग करने की अपील की है। यह कदम न केवल पर्यावरण संरक्षण के लिए बल्कि आने वाली पीढ़ियों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए भी जरूरी है।

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