रेवाड़ी: लिसाना गांव के चार दोस्तों का दुखद अंत, सड़क दुर्घटना में मौत
हरिद्वार जाने के सफर में हादसा
हरियाणा के रेवाड़ी जिले के लिसाना गांव के चार दोस्तों के लिए नववर्ष मनाने की योजना काल बन गई। बुधवार की देर रात, हरिद्वार में नया साल मनाने के लिए निकली उनकी अर्टिगा कार ट्रक से टकरा गई। हादसे में चारों दोस्तों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कार में सवार पांचवां व्यक्ति महिपाल गंभीर रूप से घायल है और ऋषिकेश एम्स में उसका इलाज चल रहा है।
गांव में मातम का माहौल, अंतिम संस्कार में जुटे ग्रामीण
रेवाड़ी जिले के लिसाना गांव में शुक्रवार सुबह लगभग 10 बजे शमशान घाट पर चारों मृतकों का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। चीख-पुकार और विलाप से गांव की फिज़ा गमगीन हो गई। रात 12 बजे के आसपास शव गांव पहुंचे, जिसे परिजन हरिद्वार से लेकर आए थे। शवों के गांव में प्रवेश करते ही कोहराम मच गया।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। आस-पास के लोगों ने उन्हें संभालने की कोशिश की। अंतत: सभी रस्में पूरी करने के बाद चारों का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
मरने वाले सभी शादीशुदा, बच्चों का बिखर गया संसार
सड़क हादसे में मारे गए चारों मृतक शादीशुदा थे और अपने परिवार के लिए सहारा थे। उनके नाम और विवरण इस प्रकार हैं:
- केहर सिंह (35): दिलीप सिंह का पुत्र और एक बच्चे का पिता।
- मनीष कुमार (36): बलवान सिंह का पुत्र, लिसाना कॉलेज का कर्मचारी। वह भी दो बच्चों का पिता था और अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था।
- प्रकाश सिंह (40): रघुवीर सिंह का पुत्र और टैक्सी ड्राइवर। वह भी दो बच्चों का पिता था।
- आदित्य सिंह (38): हवा सिंह का पुत्र और मजदूरी करता था। आदित्य की भी शादी हो चुकी थी, लेकिन उसके कोई संतान नहीं थी।
मनीष और केहर चचेरे भाई थे। इनके निधन से पूरे परिवार पर गहरा असर पड़ा है।
गंभीर घायल महिपाल, जिंदगी के लिए संघर्षरत
हादसे में गंभीर रूप से घायल महिपाल सिंह, जो कि टैक्सी ड्राइवर हैं, ऋषिकेश एम्स में भर्ती हैं। महिपाल भी दो बच्चों के पिता हैं और उनकी हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है। परिजन और गांववाले उनकी सलामती के लिए दुआ कर रहे हैं।
हादसे के कारणों की जांच, ट्रक ड्राइवर के खिलाफ केस दर्ज
यह हादसा हरिद्वार के पास हुआ, जब अर्टिगा कार तेज रफ्तार में ट्रक के पीछे जा टकराई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
गांव में छाया मातम, सामूहिक शोकसभा आयोजित
गांव लिसाना के चार होनहार बेटों को खोने का दर्द हर एक ग्रामीण की आंखों में झलक रहा है। अंतिम संस्कार के बाद गांव में एक सामूहिक शोकसभा आयोजित की गई, जहां सभी ने मृतकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
“हमने अपने बेटे खो दिए”: परिजनों का गम
घटनास्थल से लौटकर आए परिजनों ने अपनी पीड़ा व्यक्त की। केहर के पिता दिलीप सिंह ने बताया, “हमने अपने बेटे को खो दिया। वह हरिद्वार केवल खुशियां मनाने गया था।”
मनीष की पत्नी और बच्चों का हाल बेहद दर्दनाक था। उसकी मां ने कहा, “अब हमारा सहारा कोई नहीं है। मनीष हमारा इकलौता बेटा था।” गांववालों ने मदद का आश्वासन दिया, लेकिन इस बड़े नुकसान की भरपाई मुश्किल है।
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नववर्ष का जश्न बना मौत का कारण
हरिद्वार में नववर्ष का स्वागत करने के लिए दोस्तों की यह यात्रा एक त्रासदी में बदल गई। यह घटना इस बात की याद दिलाती है कि जीवन की अनिश्चितता को कभी भी हल्के में नहीं लिया जा सकता। दुर्घटना के कारण और परिस्थितियों की जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।
मृतकों के परिवारों की सहायता के लिए पहल
गांववासियों और प्रशासन ने मृतकों के परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करने की योजना बनाई है। पंचायत ने शोकग्रस्त परिवारों की मदद के लिए एक फंड स्थापित करने का निर्णय लिया है। प्रशासन ने भी त्वरित जांच और राहत का आश्वासन दिया है।
“कभी न भूलने वाला दिन”: ग्रामीणों की प्रतिक्रिया
गांव लिसाना में ऐसी घटना शायद पहली बार हुई है। ग्रामीण इसे एक कभी न भूलने वाली त्रासदी के रूप में याद कर रहे हैं। समाज में इस प्रकार की घटनाएं सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता को रेखांकित करती हैं।
