हरियाणा के प्रतिष्ठित गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (गुजवि) के छठे दीक्षांत समारोह का आयोजन भव्यता के साथ किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शिरकत की और 564 मेधावी विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल प्रदान किए। इस समारोह की सबसे खास बात यह रही कि पहली बार छात्रों को डिजिटल डिग्रियां प्रदान की गईं। समारोह की अध्यक्षता हरियाणा के राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति बंडारू दत्तात्रेय ने की, जबकि लोक निर्माण एवं जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर सिंह गंगवा भी मौजूद रहे।
दीक्षांत समारोह में छात्रों की उपलब्धियों का सम्मान
दीक्षांत समारोह के दौरान कुल 2080 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं, जिनमें 561 पीएचडी और यूटीडी के मई 2024 पासआउट विद्यार्थियों की 1529 डिग्रियां शामिल हैं।
गोल्ड मेडल पाने वाले विद्यार्थियों की संख्या
- यूटीडी व सम्बद्ध इंजीनियरिंग एवं मैनेजमेंट महाविद्यालयों से: 326 विद्यार्थी
- सम्बद्ध डिग्री, लॉ एवं एजुकेशन महाविद्यालयों से: 149 विद्यार्थी
- दूरस्थ शिक्षा कोर्स करने वाले: 89 विद्यार्थी
राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने की प्रेरणा दी और शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार को अपनाने की बात कही।
आरएसएस के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य इंद्रेश कुमार को मानद उपाधि
इस भव्य समारोह में आरएसएस के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य इंद्रेश कुमार को ‘डॉक्टर ऑफ सोशल साइंसेज’ की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें भारतीय संस्कृति की पुनर्स्थापना, भारतीय मुस्लिम समाज में शिक्षा को प्रोत्साहन, गोसेवा तथा हिमालय की पवित्रता बनाए रखने में उनके विशिष्ट योगदान के लिए दिया गया।
गुजवि ने की डिजिटल डिग्री की अनूठी पहल
समारोह को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने बताया कि इस वर्ष पहली बार विद्यार्थियों को पेपर डिग्री के साथ-साथ डिजिटल डिग्रियां भी प्रदान की जाएंगी। प्रत्येक विद्यार्थी को उसकी डिजिटल डिग्री मेल पर भेजी जाएगी, जिससे वह दुनिया में कहीं भी अपनी डिग्री को तुरंत सत्यापित कर सकेगा। गुजवि इस पहल को अपनाने वाला हरियाणा का पहला विश्वविद्यालय बन गया है।
राष्ट्रपति को परोसे गए पारंपरिक व्यंजन
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के लिए विश्वविद्यालय के फैकल्टी हाउस में पारंपरिक राजस्थानी व्यंजनों का विशेष प्रबंध किया गया। उनके लंच में निम्नलिखित पारंपरिक व्यंजन परोसे गए:
- कैर-सांगरी की सब्जी
- कढ़ी-चूरमा
- मिस्सी रोटी
- मक्खन और छाछ
- हरे छोले और कचरी
- लाल मिर्च की चटनी
- देसी घी का हलवा (मीठे में)
भोजन पूरी तरह से सात्विक रखा गया, जिसमें लहसुन और प्याज का इस्तेमाल नहीं किया गया।
फेसबुक और यूट्यूब पर लाइव प्रसारण
जो विद्यार्थी समारोह में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो सके, उनके लिए विश्वविद्यालय ने फेसबुक और यूट्यूब पर लाइव स्ट्रीमिंग की व्यवस्था की। यह प्रसारण चौधरी रणबीर सिंह ऑडिटोरियम से किया गया, जिससे विद्यार्थी, पूर्व छात्र और अभिभावक घर बैठे इस ऐतिहासिक क्षण का हिस्सा बन सके।
ब्रह्माकुमारी विश्वविद्यालय के कार्यक्रम में भी राष्ट्रपति की भागीदारी
राष्ट्रपति मुर्मू प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, हिसार के पीस पैलेस में आयोजित कार्यक्रम में भी शामिल हुईं। इस अवसर पर आध्यात्मिकता और सामाजिक सेवा से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई।
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सुरक्षा के कड़े इंतजाम
राष्ट्रपति के आगमन को देखते हुए हिसार में सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद किया गया। उनकी सुरक्षा में 9 आईपीएस, 26 डीएसपी और 2000 पुलिसकर्मी तैनात किए गए। समारोह स्थल और शहर के प्रमुख स्थानों पर सुरक्षा बलों की गश्त बढ़ा दी गई थी।
समारोह में उमड़ी छात्रों की भीड़
इस दीक्षांत समारोह को लेकर छात्रों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, 1700 से अधिक विद्यार्थियों ने समारोह के लिए पंजीकरण करवाया। सभी विद्यार्थियों को व्यक्तिगत रूप से आमंत्रण पत्र भेजे गए थे ताकि वे इस खास पल का हिस्सा बन सकें।
निष्कर्ष
गुजवि का यह छठा दीक्षांत समारोह कई ऐतिहासिक उपलब्धियों का गवाह बना। पहली बार डिजिटल डिग्रियों की शुरुआत, राष्ट्रपति द्वारा गोल्ड मेडल वितरण, और पारंपरिक भोजन के विशेष इंतजाम इसे और खास बनाते हैं। यह समारोह न केवल विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक रहा, बल्कि हरियाणा के शिक्षा क्षेत्र में नवाचार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।
