कुल्लू में बादल फटने से तबाही, 11 मौतें, 44 लापता

कुल्लू में बादल फटने से तबाही, 11 मौतें, 44 लापता
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देश के पहाड़ी राज्यों में कुदरत का कहर लगातार जारी है। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू और मंडी जिलों में बादल फटने की घटनाओं ने भयंकर तबाही मचाई है। कुल्लू के रामपुर क्षेत्र के समेज स्थित एक पॉवर प्लांट प्रोजेक्ट के कई कर्मचारी बादल फटने के बाद से लापता हो गए हैं। वहीं मंडी जिले में भी बादल फटने से एक शव बरामद हुआ है, जबकि कई लोग अभी तक लापता हैं। कुल मिलाकर हिमाचल में 11 लोगों की मौत हो चुकी है और 44 लोग लापता हैं।

बादल फटने से कुल्लू और मंडी में तबाही का मंजर

कुल्लू जिले के रामपुर क्षेत्र और मंडी जिले में बादल फटने से भारी नुकसान हुआ है। कुल्लू के समेज स्थित पॉवर प्लांट प्रोजेक्ट के कई कर्मचारी लापता हो गए हैं, वहीं 20 से ज्यादा मकान जमींदोज हो गए हैं। इलाके की सड़कें और पुल बह गए हैं, और स्कूल भी बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। मंडी जिले में भी एक शव बरामद हुआ है, और कई लोग लापता हैं। स्थानीय प्रशासन ने राहत और बचाव कार्यों के लिए एनडीआरएफ और एयरफोर्स से मदद मांगी है, लेकिन खराब मौसम के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में मुश्किलें आ रही हैं।

बादल फटने के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन की चुनौतियाँ

कुल्लू और मंडी में लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन के कारण राहत कार्यों में कई बाधाएँ आ रही हैं। थलटूखोड इलाके में फंसे लोगों तक पहुंच पाना लगभग असंभव हो गया है, जिससे अब एयरफोर्स और एनडीआरएफ की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। शिमला और कुल्लू जिलों के पंद्रह से बीस इलाकों में भारी तबाही हुई है। श्रीखंड की पहाड़ियों पर नैन सरोवर के आसपास बादल फटने से कुर्पण, समेज और गानवी खड्ड में भयंकर बाढ़ आ गई है। इस वजह से इलाके में नाले उफान पर हैं और तबाही मची है।

उत्तराखंड में भी कहर बरपाती बारिश: तीन लोगों की मौत, केदारनाथ यात्रा प्रभावित

उत्तराखंड में भी बारिश ने जमकर तबाही मचाई है। टिहरी गढ़वाल जिले में बादल फटने से तीन लोगों की मौत हो गई है, जबकि केदारनाथ मार्ग पर भी बादल फटने से नेशनल हाईवे का एक हिस्सा बाढ़ की चपेट में आ गया। इस घटना के बाद से केदारनाथ यात्रा प्रभावित हो गई है, और रामबाड़ा से लिनचोली के बीच का पैदल मार्ग भी कई जगहों पर क्षतिग्रस्त हो गया है। मंदाकिनी नदी पर स्थित दो पुल भी बह गए हैं, जो पुराने यात्रा मार्ग पर थे और यात्री शॉर्टकट के रूप में इस्तेमाल करते थे।

ग्रेटर नोएडा में बारिश से दो लोगों की मौत, प्रयागराज में बाउंड्री वॉल गिरी

बारिश का कहर सिर्फ पहाड़ी इलाकों में ही नहीं, बल्कि मैदानी क्षेत्रों में भी जारी है। ग्रेटर नोएडा के दादरी कस्बे में भारी बारिश के बाद एक दीवार गिरने से एक महिला और एक पुरुष की मौत हो गई है। इस घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच जारी है। इसी तरह उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में भी भारी बारिश के कारण रेलवे की पुरानी बाउंड्री वॉल भरभरा कर गिर गई, जिससे कई वाहन मलबे के नीचे दब गए। इस हादसे में बिजली का खंभा भी क्षतिग्रस्त हो गया।

केरल के वायनाड में लैंडस्लाइड से भारी तबाही, नदी की दिशा बदली

केरल के वायनाड जिले में भी भारी बारिश और लैंडस्लाइड ने भयंकर तबाही मचाई है। पहाड़ी की चोटी से आए पानी के तेज बहाव ने इरुवाझिंजी नदी की दिशा बदल दी, जिससे उसके किनारे बसे इलाकों में तबाही मच गई। इस घटना में मरने वालों की संख्या 256 के करीब पहुंच गई है। लैंडस्लाइड के बाद इलाके में हरियाली की जगह अब सिर्फ मलबा दिखाई दे रहा है। केरल में 14 जिलों में से 9 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, और अगले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।

जयपुर में भारी बारिश से जलभराव, पिता के साथ तीन बच्चे लापता

राजस्थान के जयपुर में भी भारी बारिश से जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है। शहर की सड़कों, एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, पुलिस थाने और अस्पताल सब जलमग्न हो गए हैं। कच्ची बस्तियां पूरी तरह से पानी में डूब गई हैं, और सिविल डिफेंस की टीम मोटर पंप के जरिए घरों से पानी निकालने में जुटी है। इस बीच, जलभराव के कारण एक पिता और उसके तीन बच्चे लापता हो गए हैं। सिविल डिफेंस की टीम ने अब तक किसी की बॉडी बरामद नहीं की है, लेकिन रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।

नदियों का उफान: कुल्लू में नदी में समा गई पूरी इमारत

कुल्लू में भारी बारिश के कारण व्यास और पार्वती नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे किनारे बसे इलाकों में तबाही मच गई है। व्यास नदी की उफनती लहरों ने एक निर्माणाधीन इमारत को अपनी चपेट में ले लिया और इमारत पूरी तरह से नदी में समा गई। नदी के उफान के कारण कुल्लू-मनाली NH 3 भी बाधित हो गया है, जिससे यातायात पूरी तरह से ठप हो गया है।

देशभर में बारिश का कहर: कई राज्यों में तबाही का आलम

देशभर में मॉनसून की बारिश का कहर जारी है। दिल्ली में भी लगातार हो रही भारी बारिश ने शहर को जलमग्न कर दिया है। कल (31 जुलाई) को दिल्ली में रिकॉर्डतोड़ बारिश हुई, जिससे कई इलाकों में जलभराव हो गया। मौसम विभाग ने आज भी दिल्ली में भारी बारिश का अनुमान जताया है। जयपुर से लेकर केरल तक, देश के कई हिस्सों में बारिश से तबाही का मंजर देखा जा सकता है। नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, और कई इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।

मॉनसून के कहर से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन की तैयारी

मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, केरल, राजस्थान और अन्य प्रभावित राज्यों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट पर रखा गया है, और स्थानीय प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी जा रही है, और राहत और बचाव कार्यों के लिए एनडीआरएफ और एयरफोर्स की टीमों को तैनात किया गया है।

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