जुलाना चुनावी दंगल: विनेश फोगाट की पहली जीत, WWE रेसलर कविता रानी की जमानत जब्त

जुलाना चुनावी दंगल: विनेश फोगाट की पहली जीत, WWE रेसलर कविता रानी की जमानत जब्त
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Julana Election 2024 Result: हरियाणा की जुलाना विधानसभा सीट इस बार पूरे देश की नजरों में रही। वजह थी देश की दो मशहूर महिला पहलवानों की सीधी टक्कर। एक तरफ कांग्रेस की उम्मीदवार और रेसलर विनेश फोगाट थीं, तो दूसरी ओर आम आदमी पार्टी (AAP) की ओर से WWE रेसलर कविता रानी (कविता दलाल) मैदान में थीं। आखिरकार, विनेश ने बाजी मार ली और जुलाना की जनता ने उन्हें पहली बार विधायक चुना।

VIP बनी जुलाना सीट: विनेश फोगाट की शानदार जीत

हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024 में जुलाना सीट उस वक्त चर्चा में आ गई जब अंतरराष्ट्रीय पहलवान विनेश फोगाट ने कांग्रेस के टिकट पर यहां से चुनाव लड़ने का ऐलान किया। इस सीट से विनेश ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार योगेश कुमार को 6015 वोटों से हराकर पहली बार विधायक बनने का गौरव हासिल किया।

विनेश फोगाट को मिला भारी समर्थन

विनेश फोगाट को कुल 65,080 वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी योगेश कुमार को 59,065 वोटों से संतोष करना पड़ा। यह जीत उनके राजनीतिक सफर की शुरुआत मानी जा रही है, जहां पहलवानी के अखाड़े से लेकर राजनीति के मैदान तक विनेश ने अपनी ताकत और लोकप्रियता का प्रदर्शन किया।

कुल वोट: 1,38,871
विनेश के वोट: 65,080
योगेश कुमार के वोट: 59,065

WWE रेसलर कविता रानी की जमानत जब्त

जुलाना सीट से लड़ाई केवल विनेश और योगेश कुमार तक सीमित नहीं थी। आम आदमी पार्टी (AAP) ने भी इस सीट पर बड़ी उम्मीद के साथ WWE की मशहूर रेसलर कविता रानी को टिकट दिया। हालांकि, कविता रानी का दांव इस चुनावी दंगल में पूरी तरह फेल हो गया। उन्हें केवल 1280 वोट मिले, जिससे उनकी जमानत जब्त हो गई।

जमानत जब्त होने का मतलब

चुनाव नियमों के अनुसार, अगर किसी उम्मीदवार को कुल वोटों का 1/6 हिस्सा यानी 16.66 प्रतिशत से कम वोट मिलते हैं, तो उनकी जमानत जब्त हो जाती है। इस नियम के तहत कविता रानी को जुलाना की 1,38,871 वोटों में से कम से कम 23,145 वोट हासिल करने थे। लेकिन उन्हें केवल 1280 वोट ही मिले, जिससे उनकी जमानत जब्त हो गई।

तीसरे स्थान पर रहे INLD के सुरेंद्र लाठेर

जुलाना में इस चुनावी मुकाबले में भारतीय राष्ट्रीय लोकदल (INLD) के उम्मीदवार सुरेंद्र लाठेर तीसरे स्थान पर रहे। उन्हें भी केवल 10,158 वोट मिले और उनकी भी जमानत जब्त हो गई। इस सीट पर तीन प्रमुख उम्मीदवारों के अलावा भी कई अन्य उम्मीदवार मैदान में थे, लेकिन चुनावी दंगल की असली लड़ाई विनेश, योगेश और कविता के बीच ही थी।

पहलवान vs पहलवान: विनेश और कविता का अनोखा मुकाबला

इस चुनाव को दिलचस्प बनाने वाली एक प्रमुख वजह थी, दो पहलवानों की सीधी टक्कर। WWE में मशहूर कविता रानी (कविता दलाल) ने जब जुलाना से चुनाव लड़ने का ऐलान किया, तो जनता को लगा कि यह एक पहलवान बनाम पहलवान की जंग होगी। लेकिन इस मुकाबले में कविता का दांव नहीं चला, और विनेश फोगाट ने बड़ी आसानी से इस चुनावी मुकाबले को अपने नाम कर लिया।

कविता रानी की WWE यात्रा

कविता रानी WWE में सलवार-कमीज पहनकर रेसलिंग करने वाली पहली भारतीय महिला रेसलर के रूप में मशहूर हुई थीं। उनका नाम WWE के इतिहास में दर्ज है, क्योंकि उन्होंने 2017 में WWE में कदम रखा था। वह MMA फाइटर भी रह चुकी हैं और साउथ एशियन गेम्स 2016 में फ्रीस्टाइल रेसलिंग में गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं।

विनेश फोगाट की खेल उपलब्धियां

विनेश फोगाट का नाम भारतीय कुश्ती में एक बड़ा नाम है। 2019 और 2022 की वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने वाली विनेश 2014, 2018 और 2022 के राष्ट्रमंडल खेलों में गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं। इसके अलावा, उन्होंने 2018 के एशियाई खेलों में भी स्वर्ण पदक जीता था। उनके खेल करियर में कई अंतरराष्ट्रीय खिताब शामिल हैं, और अब राजनीति के मैदान में भी उन्होंने अपनी जीत का झंडा गाड़ दिया है।

विनेश का ओलंपिक सफर

पेरिस ओलंपिक में महिलाओं की 50 किग्रा फ्रीस्टाइल कुश्ती के फाइनल में पहुंचने के बाद, विनेश को सिवर मेडल मिलना तय था, लेकिन वजन के मानकों से 100 ग्राम अधिक होने के कारण उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया था। यह घटना उनके करियर में एक बड़ा झटका थी, लेकिन अब उन्होंने राजनीति में अपनी नई पारी शुरू कर दी है।

जमानत जब्त: चुनावी प्रक्रिया का दिलचस्प पहलू

चुनावी प्रक्रिया के तहत, अगर कोई उम्मीदवार 16.66 प्रतिशत से कम वोट हासिल करता है, तो उसकी जमानत जब्त कर ली जाती है। इसका मतलब यह होता है कि वह उम्मीदवार जनता का पर्याप्त समर्थन हासिल नहीं कर पाया है। जुलाना में इसी नियम के तहत कविता रानी और सुरेंद्र लाठेर की जमानत जब्त हुई।

उदाहरण:
अगर किसी सीट पर 1 लाख वोट पड़े हैं, और किसी उम्मीदवार को 16,666 से कम वोट मिले हैं, तो उसकी जमानत जब्त हो जाएगी। यही फॉर्मूला राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के चुनावों में भी लागू होता है। जीतने वाले उम्मीदवार की जमानत बची रहती है, चाहे उन्हें 1/6 से कम वोट मिले हों या नहीं।

जुलाना चुनाव: जनता का संदेश

जुलाना विधानसभा चुनाव में जनता ने स्पष्ट संदेश दिया है कि वे एक नए नेता को अपने क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करना चाहते हैं। विनेश फोगाट, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रौशन कर चुकी हैं, अब जुलाना की जनता का नेतृत्व करेंगी।

यह चुनाव कई मायनों में खास रहा, क्योंकि यहां पहली बार दो महिला पहलवानों के बीच सीधी टक्कर देखने को मिली। हालांकि, इस मुकाबले में कविता रानी की रणनीति सफल नहीं हो पाई और विनेश फोगाट ने भारी समर्थन के साथ जीत दर्ज की।

निष्कर्ष: जुलाना में नई राजनीतिक पहल

विनेश फोगाट की यह जीत केवल एक राजनीतिक सफलता नहीं है, बल्कि यह उनके लिए एक नई शुरुआत है। जुलाना विधानसभा सीट पर उनकी जीत ने यह साबित कर दिया है कि खेल के मैदान से लेकर राजनीति के मंच तक, विनेश फोगाट हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं। दूसरी ओर, कविता रानी के लिए यह चुनाव एक सीख साबित हुआ, और शायद वह अपने राजनीतिक करियर में आगे और रणनीतिक तरीके से काम करेंगी।

विनेश फोगाट की इस जीत के साथ, जुलाना की जनता ने उनके ऊपर भरोसा जताया है और अब सभी की नजरें इस बात पर होंगी कि वह अपने क्षेत्र के विकास और बेहतरी के लिए किस तरह से काम करती हैं।

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