करनाल। शहर की नई अनाज मंडी में आयोजित स्किलटेक इंडस्ट्रियल एक्सपो 2024 ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) और हरियाणा चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एचसीसीआई) के सहयोग से उद्यमियों और विशेषज्ञों को एक मंच पर लाकर उद्योगों के विकास की संभावनाओं पर मंथन किया। कार्यक्रम का मुख्य फोकस करनाल को एनसीआर (नेशनल कैपिटल रीजन) से बाहर निकालने की मांग पर रहा, जिसे उद्यमियों ने प्रमुख मुद्दा बताया।
एनसीआर की पाबंदियों से जूझते उद्योग
उद्यमियों का मानना है कि एनसीआर की कठोर पाबंदियों के चलते करनाल में उद्योगों को पनपने का अवसर नहीं मिल पा रहा है। पानीपत के उद्यमी भीम राणा ने कहा, “करनाल का एनसीआर में होना यहां के उद्योगों के लिए घाटे का सौदा साबित हो रहा है। इन पाबंदियों के कारण विकास अवरुद्ध हो गया है। करनाल को जल्द से जल्द एनसीआर से बाहर निकाला जाना चाहिए।”
उन्होंने बताया कि दिल्ली से करनाल की भौगोलिक दूरी अधिक होने के बावजूद यह एनसीआर में शामिल है, जिससे उद्योगों को अनुचित पाबंदियों का सामना करना पड़ रहा है।
कार्यक्रम का शुभारंभ और मुख्य अतिथि का संदेश
इंद्री के भाजपा विधायक एवं चीफ व्हिप रामकुमार कश्यप ने बतौर मुख्य अतिथि कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने युवाओं को उद्यमिता के क्षेत्र में कदम रखने के लिए प्रेरित किया।
“युवाओं को नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बनना चाहिए। सरकार सभी को नौकरी देने के प्रयास कर रही है, लेकिन उद्यमिता के जरिए रोजगार सृजन की दिशा में काम करने से अधिक प्रभावी समाधान मिलेगा,” विधायक ने कहा।
उन्होंने स्किलटेक इंडस्ट्रियल एक्सपो में लगाए गए करीब 100 लघु उद्यमों के स्टॉलों का निरीक्षण किया और एग्रो, इंडस्ट्रियल पार्क, हर्बल टी, भवनों के ऑटोमैटिक इलेक्ट्रिक सिस्टम, खाद्य वस्तुओं जैसे उत्पादों की सराहना की।
एमएसएमई को मिल रहा सरकारी सहयोग
एमएसएमई एडीसी संजीव चावला ने कार्यक्रम के दौरान बताया कि केंद्र सरकार सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को लगातार प्रोत्साहन दे रही है।
उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विशेष जोर एमएसएमई को बढ़ावा देने पर है। विभाग इस तरह के स्किलटेक इंडस्ट्रियल एक्सपो में किराए, तकनीकी प्रशिक्षण और अन्य खर्चों में आर्थिक सहायता प्रदान करता है।”
उन्होंने यह भी बताया कि:
- उद्यमियों को मशीनरी और तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराई जाती है।
- उनके उत्पादों को निर्यात करने में सहायता की जाती है।
- नए उद्यम स्थापित करने के लिए विशेष प्रशिक्षण और वित्तीय सहयोग प्रदान किया जाता है।
स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने के सुझाव
करनाल के उद्यमी भूषण गोयल ने छोटे उद्योगों को ग्रामीण स्तर पर बढ़ावा देने के सुझाव दिए।
उन्होंने कहा, “हर गांव में स्पेलर, मिनी आटा चक्की और मिट्टी की जांच की छोटी मशीनें लगाई जानी चाहिए। इससे न केवल किसानों को लाभ होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।”
गोयल ने औद्योगिक कचरे से खाद बनाने और पराली के लिए डी-कंपोजर निर्माण की भी जानकारी दी, जो पर्यावरण के अनुकूल समाधान प्रस्तुत करता है।
आधुनिक खेती के उपकरण और तकनीक
कार्यक्रम में एफपीओ संचालक डॉ. सरदार सिंह ने आधुनिक खेती के उपकरण और तकनीक के उपयोग पर प्रकाश डाला।
- उन्होंने फेरोमैन ट्रैप और अन्य उन्नत खेती उपकरणों का प्रदर्शन किया।
- किसानों को बताया कि इन तकनीकों का उपयोग कैसे फसल की गुणवत्ता सुधारने और उत्पादन बढ़ाने में किया जा सकता है।
समाजसेवियों और विशेषज्ञों की भागीदारी
कार्यक्रम में कई समाजसेवियों और विशेषज्ञों ने भाग लिया। इनमें प्रो. जोगिंद्र मदान, चंद्रगुप्त ढींगड़ा, बीरेंद्र ढींगड़ा, वासुदेव ढींगड़ा, संजीव मक्कड़, और हरमीत सिंह हैप्पी शामिल रहे। इन सभी ने उद्यमिता और औद्योगिक विकास के महत्व पर अपने विचार साझा किए।
स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर
कार्यक्रम में यह बात सामने आई कि करनाल और आसपास के क्षेत्र में युवाओं को प्रशिक्षित करने और उनके लिए रोजगार के अवसर सृजित करने पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
विधायक रामकुमार कश्यप ने जोर देकर कहा, “अगर युवा उद्यमिता की ओर कदम बढ़ाएंगे, तो रोजगार के साथ-साथ औद्योगिक विकास का नया रास्ता खुलेगा।”
स्किलटेक इंडस्ट्रियल एक्सपो उद्यमिता को बढ़ावा देने का संकल्प
स्किलटेक इंडस्ट्रियल एक्सपो 2024 ने न केवल स्थानीय उद्यमियों और व्यवसायियों को एक मंच प्रदान किया, बल्कि करनाल को औद्योगिक क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए सामूहिक संकल्प भी लिया।
उद्यमियों और विशेषज्ञों ने सरकार से करनाल को एनसीआर से बाहर निकालने की मांग को प्राथमिकता देने का आह्वान किया, ताकि यहां के उद्योग नई संभावनाओं के साथ विकसित हो सकें।
निष्कर्ष
इस एक्सपो ने करनाल के उद्योग जगत के सामने मौजूद चुनौतियों और अवसरों को उजागर किया। एनसीआर की पाबंदियों से निकलकर यदि करनाल अपने उद्योगों को नई दिशा देने में सक्षम होगा, तो यह पूरे हरियाणा के लिए एक मिसाल बन सकता है।
उद्यमिता और आधुनिक तकनीकों के माध्यम से रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास के लिए किए जा रहे प्रयास निश्चित रूप से सकारात्मक परिणाम देंगे।
