भारतीय टीम के सामने आखिरी टेस्ट में प्लेइंग इलेवन को लेकर कई पेच हैं, जिसमें गिल और गंभीर की कप्तानी-कोचिंग कौशल की होगी असली परीक्षा।
ओवल टेस्ट 2025 में जीत की तलाश में भारत, टीम चयन बना सबसे बड़ी चुनौती
ओवल टेस्ट 2025 में टीम इंडिया के सामने न केवल मैच जीतने का लक्ष्य है, बल्कि यह मैच भविष्य के टेस्ट टीम ढांचे की नींव भी रखेगा। 31 जुलाई से लंदन के ओवल मैदान में शुरू हो रहे इस टेस्ट मुकाबले पर पूरे देश की नजरें टिकी हैं। मैनचेस्टर में ऐतिहासिक ड्रॉ के बाद अब भारत को इस मैच में जीत दर्ज करनी होगी ताकि पांच मैचों की सीरीज को 2-2 पर बराबरी पर खत्म किया जा सके। लेकिन असली संकट अब कप्तान शुभमन गिल और कोच गौतम गंभीर के सामने है—प्लेइंग इलेवन का चयन।
ओवल टेस्ट 2025 क्यों अहम है यह मुकाबला?
ओवल टेस्ट 2025 सिर्फ एक टेस्ट मैच नहीं है, बल्कि यह उन युवा खिलाड़ियों की कसौटी है जो भविष्य में भारतीय क्रिकेट की रीढ़ बन सकते हैं। साथ ही यह गंभीर के कोचिंग विज़न और गिल की कप्तानी की दिशा का संकेत भी देगा।
गंभीर और गिल के लिए टीम संयोजन, खिलाड़ियों का वर्कलोड मैनेजमेंट, और चोटिल खिलाड़ियों के स्थान पर उपयुक्त विकल्प तय करना एक बड़ा सिरदर्द साबित हो रहा है।
कुलदीप यादव को मिलेगा मौका?
ओवल की पिच स्पिन फ्रेंडली मानी जाती है, ऐसे में कुलदीप यादव को अंतिम एकादश में शामिल करने की संभावना काफी मजबूत है। नेट्स में उन्हें जमकर गेंदबाजी करते हुए देखा गया, जो इस बात का संकेत है कि उन्हें खेलने का मौका मिल सकता है।
लेकिन सवाल यह है कि उन्हें किसकी जगह खिलाया जाएगा?
- रवींद्र जडेजा और वॉशिंगटन सुंदर दोनों ने मैनचेस्टर टेस्ट में बेहतरीन बल्लेबाजी कर खुद को अनसेलेक्टेबल बना लिया है।
- ऐसे में क्या भारत तीन स्पिनरों के साथ उतरेगा? या फिर सुंदर को रेस्ट देकर कुलदीप को लाया जाएगा?
गंभीर को यह तय करना होगा कि क्या वह ओवल की परिस्थितियों को देखते हुए एक अतिरिक्त स्पिनर को टीम में शामिल करें या फिर बैलेंस बनाए रखें।
अर्शदीप सिंह की वापसी—कमबैक या नया अध्याय?
अर्शदीप सिंह चोट से उबर चुके हैं और उन्हें प्रैक्टिस सेशन में देखा गया है। मैनचेस्टर टेस्ट में अंशुल कम्बोज ने अपने डेब्यू में कोई खास प्रभाव नहीं डाला। ऐसे में अर्शदीप की वापसी लगभग तय मानी जा रही है।
उनकी स्विंग गेंदबाजी ओवल के वातावरण में बेहद कारगर हो सकती है। बाएं हाथ के तेज गेंदबाज होने के कारण वह बुमराह और सिराज के साथ अच्छी तिकड़ी बना सकते हैं।
संभावित बदलाव: अर्शदीप IN, कम्बोज OUT
पंत की जगह जुरेल, युवा जोश को मौका
ऋषभ पंत पैर में चोट के चलते बाहर हैं और उनकी अनुपस्थिति में ध्रुव जुरेल को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया जाएगा।
- जुरेल ने विकेटकीपिंग में बेहतरीन प्रदर्शन किया है और
- सातवें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए उपयोगी रन बनाने की क्षमता रखते हैं।
युवा खिलाड़ी को यह मौका न केवल खुद को साबित करने का है, बल्कि टीम मैनेजमेंट के लिए भविष्य की प्लानिंग में स्थायित्व देने का भी एक अवसर है।
OUT लिस्ट: शार्दुल और कम्बोज का पत्ता कट?
टीम में संतुलन बनाए रखने के लिए शार्दुल ठाकुर और अंशुल कम्बोज को बाहर बैठाया जा सकता है।
- शार्दुल हालिया मैचों में गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों में अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतरे।
- वहीं, कम्बोज का डेब्यू प्रदर्शन फीका रहा।
संभावित बॉलिंग यूनिट:
- स्पिन: जडेजा, सुंदर, कुलदीप
- तेज़: बुमराह, सिराज, अर्शदीप
कप्तान शुभमन गिल और कोच गंभीर के सामने हैं ये 5 बड़े सवाल:
- तीन स्पिनर खिलाना सही रणनीति है?
- ध्रुव जुरेल को पंत की जगह कितना भरोसा मिलेगा?
- वर्कलोड मैनेजमेंट को कैसे संभालेंगे?
- कुलदीप को खिलाएं तो किसकी जगह?
- क्या युवा खिलाड़ियों को एक और मौका दिया जाए?
भारत और इंग्लैंड के स्क्वॉड पर नज़र:
भारत:
शुभमन गिल (कप्तान), यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, साई सुदर्शन, अभिमन्यु ईश्वरन, करुण नायर, रवींद्र जडेजा, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, शार्दुल ठाकुर, नारायण जगदीशन (विकेटकीपर), जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, आकाश दीप, कुलदीप यादव, अंशुल कम्बोज, अर्शदीप सिंह
इंग्लैंड:
बेन स्टोक्स (कप्तान), जोफ्रा आर्चर, गस एटकिंसन, जैकब बेथेल, हैरी ब्रूक, ब्रायडन कार्स, जैक क्राउली, लियाम डॉसन, बेन डकेट, जेमी ओवर्टन, ओली पोप, जो रूट, जेमी स्मिथ, जोश टंग, क्रिस वोक्स
ओवल टेस्ट 2025 संभावित प्लेइंग इलेवन (भारत)
- यशस्वी जायसवाल
- केएल राहुल
- शुभमन गिल (कप्तान)
- करुण नायर
- रवींद्र जडेजा
- वॉशिंगटन सुंदर
- ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर)
- कुलदीप यादव
- जसप्रीत बुमराह
- मोहम्मद सिराज
- अर्शदीप सिंह
निष्कर्ष:
ओवल टेस्ट 2025 सिर्फ एक मुकाबला नहीं है—यह भारतीय टेस्ट टीम के भविष्य की दिशा तय करने वाला निर्णायक मैच होगा। शुभमन गिल की कप्तानी और गंभीर की रणनीति इस मैच में बारीकी से देखी जाएगी। प्लेइंग इलेवन का चयन जहां रणनीतिक कौशल की मांग करता है, वहीं यह युवा खिलाड़ियों को मौका देने का एक सही समय भी है।
अगर भारत यह मैच जीत लेता है तो न केवल सीरीज बराबर करेगा, बल्कि आगामी WTC चक्र के लिए मजबूत नींव भी रखेगा।
