31 जुलाई से IND vs ENG के बीच टेस्ट सीरीज का आखिरी मुकाबला केनिंग्टन ओवल में भारत का रिकॉर्ड एक बार फिर चर्चा में है। यह वही मैदान है जहां भारतीय टीम ने अपने टेस्ट इतिहास की कुछ सबसे यादगार जीत दर्ज की हैं, तो वहीं कई बार करारी हार का भी सामना किया है। अब जबकि यह सीरीज निर्णायक मोड़ पर है, टीम इंडिया के लिए यह मुकाबला करो या मरो जैसा साबित हो सकता है।
ओवल टेस्ट: भारत के लिए निर्णायक मोड़
IND vs ENG के बीच चल रही मौजूदा टेस्ट सीरीज अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। 31 जुलाई से केनिंग्टन ओवल मैदान पर दोनों टीमें आमने-सामने होंगी। यह मुकाबला केवल एक मैच नहीं, बल्कि भारत के लिए इतिहास को दोहराने और इंग्लैंड के लिए वर्चस्व को कायम रखने का अवसर है।
सीरीज में इंग्लैंड फिलहाल 2-1 से आगे है। ऐसे में भारत के पास यह आखिरी मौका होगा कि वह यह मैच जीतकर सीरीज को 2-2 की बराबरी पर खत्म करे। वहीं, इंग्लैंड यदि इस मैच को जीतता है या ड्रॉ भी कराता है तो सीरीज उसके नाम हो जाएगी।
ओवल में भारत का टेस्ट रिकॉर्ड: एक नजर में
केनिंग्टन ओवल में भारत ने अब तक कुल 15 टेस्ट मैच खेले हैं। इनमें से केवल 2 में ही भारत को जीत मिली है, जबकि 6 में हार और 7 मैच ड्रॉ हुए हैं।
| श्रेणी | आंकड़े |
|---|---|
| कुल टेस्ट | 15 |
| जीते | 2 |
| हारे | 6 |
| ड्रॉ | 7 |
| सबसे बड़ा स्कोर | 664 रन (2007) |
| सबसे कम स्कोर | 94 रन (2007 व 2014) |
| सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजी | सुनील गावस्कर – 221 रन (1979) |
| सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी | बीएस चंद्रशेखर – 6/38 (1971) |
ओवल पर भारत के ऐतिहासिक टेस्ट मुकाबले
1936: पहला टेस्ट, पहली हार
भारत ने 1936 में पहली बार ओवल मैदान पर टेस्ट खेला था। हालांकि, यह डेब्यू मैच निराशाजनक रहा और भारत को इंग्लैंड के हाथों 9 विकेट से हार का सामना करना पड़ा।
1971: 35 साल बाद ऐतिहासिक जीत
1971 में भारत ने अजीत वाडेकर की कप्तानी में इंग्लैंड को उसी के घर में हराकर ओवल में पहली जीत हासिल की। यह जीत भारतीय क्रिकेट इतिहास में एक मील का पत्थर बनी और बीएस चंद्रशेखर की घातक गेंदबाजी ने सबका ध्यान खींचा।
2021: विराट कोहली की कप्तानी में 157 रनों की जीत
विराट कोहली के नेतृत्व में भारत ने 2021 में ओवल में 157 रनों से शानदार जीत दर्ज की। इस मैच में गेंदबाजों का अनुशासन और बल्लेबाजों की सूझबूझ देखने लायक थी।
2023: वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में हार
2023 में भारत ने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल भी ओवल में ही खेला, लेकिन ऑस्ट्रेलिया ने इस मुकाबले में भारत को हरा दिया।
भारत का वनडे रिकॉर्ड ओवल में
केवल टेस्ट ही नहीं, वनडे फॉर्मेट में भी भारत का ओवल पर प्रदर्शन मिला-जुला रहा है। अब तक 17 वनडे मैच खेले गए हैं, जिनमें से भारत ने 7 में जीत हासिल की है।
| श्रेणी | आंकड़े |
|---|---|
| कुल वनडे | 17 |
| जीते | 7 |
| हारे | 9 |
| बिना नतीजे (NR) | 1 |
| सबसे ज्यादा स्कोर | 352/5 बनाम ऑस्ट्रेलिया (2019) |
| सबसे कम स्कोर | 158 बनाम पाकिस्तान (2017) |
| सबसे बड़ी जीत का पीछा | 317 रन बनाम इंग्लैंड (2007) |
| बेस्ट बल्लेबाजी | शिखर धवन – 125 बनाम श्रीलंका (2017) |
| बेस्ट गेंदबाजी | जसप्रीत बुमराह – 6/19 बनाम इंग्लैंड (2022) |
केनिंग्टन ओवल: मैदान का इतिहास
- स्थापना वर्ष: 1845
- दर्शक क्षमता: 23,500
- नाम का कारण: इसकी पहली संरचना अंडाकार (Oval) थी, इसलिए इसका नाम ‘ओवल’ पड़ा।
- यह मैदान इंग्लैंड के सबसे ऐतिहासिक स्टेडियमों में से एक है। यहां कई अहम अंतरराष्ट्रीय मैच, वर्ल्ड कप मुकाबले और टेस्ट सीरीज खेले जा चुके हैं।
IND vs ENG: किसके पास है बढ़त?
इंग्लैंड का घरेलू रिकॉर्ड और मौसम की परिस्थितियाँ उसे थोड़ा सा फेवर देती हैं, लेकिन टीम इंडिया इस मैदान पर पिछले कुछ वर्षों में आत्मविश्वास से खेली है। बुमराह की गेंदबाज़ी, रोहित शर्मा की कप्तानी और गिल-जडेजा जैसे खिलाड़ियों की फॉर्म टीम इंडिया को मजबूती देती है।
फैंस की उम्मीदें और रणनीति की चुनौती
भारत के करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें इस मैच पर टिकी हैं। अगर गेंदबाज़ी यूनिट इंग्लैंड को सस्ते में समेटने में सफल होती है और बल्लेबाज संयम के साथ रन जोड़ते हैं, तो जीत मुमकिन है। साथ ही, टीम मैनेजमेंट के लिए सही प्लेइंग इलेवन चुनना भी बेहद अहम होगा।
निष्कर्ष: IND vs ENG इतिहास दोहराने का समय
ओवल में भारत का रिकॉर्ड भले ही मिश्रित रहा हो, लेकिन मौजूदा टीम के पास वह हौसला, अनुभव और जुनून है जिससे वे फिर से इतिहास रच सकते हैं। यह सिर्फ एक टेस्ट नहीं, बल्कि एक सम्मान की लड़ाई है, एक मौका है खुद को साबित करने का।
