नई दिल्ली, 30 मई 2025 — वैश्विक व्यापार और तकनीकी विनिर्माण के परिदृश्य में भारत ने एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर हासिल किया है। अप्रैल 2025 में, भारत ने अमेरिका को 3.3 मिलियन iPhone निर्यात किए, जो वर्ष-दर-वर्ष 76% की वृद्धि को दर्शाता है। यह पहली बार है जब भारत ने मासिक iPhone निर्यात में चीन को पीछे छोड़ा है, जिसने इसी अवधि में केवल 900,000 यूनिट्स का निर्यात किया। यह जानकारी कैनालिस के डेटा से मिली है, जो अब मार्केट रिसर्च फर्म ओमडिया का हिस्सा है।
अमेरिका में टैरिफ विवाद और भारत की रणनीतिक बढ़त
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल में चीन से आयातित iPhone पर 30% शुल्क लगाया गया था, जबकि भारत में असेंबल किए गए iPhone पर केवल 10% शुल्क लगता है। हालांकि, ट्रंप ने 11 अप्रैल को iPhone को शुल्क से छूट दे दी थी, जिससे Apple ने मार्च में ही अमेरिका जाने वाले सामान का स्टॉक जमा करना शुरू कर दिया था, जिससे उसका मंथली भारत से निर्यात 4.4 मिलियन यूनिट तक पहुंच गया।
भारत की विनिर्माण क्षमता में तेजी से वृद्धि
Apple ने भारत में अपने विनिर्माण नेटवर्क का विस्तार किया है, जिसमें फॉक्सकॉन, पेगाट्रॉन और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे प्रमुख आपूर्तिकर्ता शामिल हैं। टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने होसुर प्लांट में iPhone 16 और 16e का असेंबली कार्य शुरू कर दिया है। Apple ने वित्त वर्ष 2025 में भारत में $22 बिलियन मूल्य के iPhone असेंबल किए हैं।
वैश्विक उत्पादन में भारत की हिस्सेदारी
जनवरी से अप्रैल 2025 के बीच, चीन ने अमेरिका को 13.2 मिलियन iPhone निर्यात किए, जबकि भारत ने 11.5 मिलियन यूनिट्स का निर्यात किया। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि भारत की मासिक निर्यात क्षमता में लगातार वृद्धि हो रही है, और यह प्रवृत्ति जारी रहने की संभावना है।
अमेरिका: Apple का सबसे बड़ा बाजार
अमेरिका Apple का सबसे बड़ा iPhone बाजार बना हुआ है, जिसकी तिमाही मांग करीब 20 मिलियन यूनिट होने का अनुमान है। विश्लेषकों का कहना है कि भारत अभी इस मांग को पूरी तरह से पूरा करने के लिए तैयार नहीं है, लेकिन वर्तमान वृद्धि दर को देखते हुए, भारत निकट भविष्य में इस मांग को पूरा करने में सक्षम हो सकता है।
ट्रंप की चेतावनी और Apple पर दबाव
भारत की बढ़त के बावजूद, Apple को अब बीजिंग और वाशिंगटन दोनों से दबाव का सामना करना पड़ रहा है। जबकि चीन Apple की शिफ्टिंग सप्लाई चेन से नाखुश है, ट्रंप ने iPhone उत्पादन को अमेरिका में स्थानांतरित न करने के लिए कंपनी की आलोचना की है, साथ ही Apple पर 25 फीसदी टैरिफ की धमकी भी दी है।
भारत की रणनीतिक स्थिति और भविष्य की संभावनाएं
भारत की बढ़ती विनिर्माण क्षमता, सरकार की प्रोत्साहन योजनाएं, और वैश्विक कंपनियों के साथ साझेदारी ने देश को वैश्विक तकनीकी विनिर्माण में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी बना दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह प्रवृत्ति जारी रहती है, तो भारत निकट भविष्य में वैश्विक iPhone उत्पादन का एक प्रमुख केंद्र बन सकता है।
