वेंटिलेटर पर शारदा सिन्हा: बेटे ने भावुक होकर दी हेल्थ अपडेट, कहा – “छठ मैया से प्रार्थना कीजिए”

वेंटिलेटर पर शारदा सिन्हा: बेटे ने भावुक होकर दी हेल्थ अपडेट, कहा - "छठ मैया से प्रार्थना कीजिए"
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बिहार की मशहूर लोक गायिका और छठ पर्व के गीतों से घर-घर में प्रसिद्ध हुईं शारदा सिन्हा की तबियत बेहद नाजुक है। उनके बेटे अंशुमन ने हाल ही में लाइव आकर उनके स्वास्थ्य की स्थिति को लेकर जानकारी दी, जिसने उनके फैंस और चाहने वालों को झकझोर कर रख दिया।

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“ये सच्ची खबर है” – बेटे का दिल छूने वाला संदेश

अंशुमन ने अपनी मां की हालत को लेकर कहा, “इस बार ये सच्ची खबर है। मां वेंटिलेटर पर हैं। अभी मैंने कन्सेंट साइन किया है। प्रार्थना जारी रखिए, इस बार काफी मुश्किल है। मां एक बड़ी लड़ाई लड़ रही हैं और हम सबको उनकी सलामती के लिए प्रार्थना करनी चाहिए।”

अंशुमन ने बताया कि शारदा जी दिल्ली के एम्स में भर्ती हैं और डॉक्टर उनके लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनका स्वास्थ्य अचानक बिगड़ गया है, जिससे स्थिति चिंताजनक हो गई है।

छठ पर्व के गीतों से मिली पहचान: बिहार के संगीत की सशक्त आवाज

शारदा सिन्हा का नाम छठ पर्व के गीतों के साथ जुड़ा है। उन्होंने अपने मधुर सुरों से बिहार और उत्तर भारत के छठ पर्व को एक नई ऊंचाई दी है। उनका जन्म 1 अक्टूबर 1952 को बिहार के समस्तीपुर में हुआ था। संगीत की दुनिया में उनका सफर बचपन से ही शुरू हो गया था। एक म्यूजिकल फैमिली में जन्मीं शारदा ने शास्त्रीय संगीत में अपनी शिक्षा प्राप्त की और धीरे-धीरे भोजपुरी और मैथिली में कई बेहतरीन लोक गीतों को गाकर प्रसिद्धि हासिल की।

छठ पर्व की प्रतिष्ठा और शारदा सिन्हा का योगदान

छठ पर्व बिहार और उत्तर प्रदेश में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है और इस पर्व के दौरान शारदा जी द्वारा गाए गए गीतों की विशेष धूम रहती है। उनके गीतों में छठी मईया की महिमा का वर्णन और गंगा नदी की पूजा का महत्व झलकता है। “छठ मैया के आशीर्वाद” से भरपूर उनके गीत इस पर्व के दौरान हर घर में गूंजते हैं।

फैंस में गहरा दुख और प्रार्थनाओं का दौर

शारदा सिन्हा के स्वास्थ्य की खबर सुनकर उनके चाहने वाले और फैंस दुखी हो गए हैं। सोशल मीडिया पर लोग लगातार उनके स्वास्थ्य के लिए प्रार्थनाएं कर रहे हैं। अंशुमन ने अपनी लाइव वीडियो में भी लोगों से अपील की कि वे उनकी मां के लिए प्रार्थना करें और किसी भी तरह की गलत खबरें न फैलाएं।

अंशुमन ने कहा, “मां ने हमारे देश और राज्य के लिए काफी कुछ किया है। उन्होंने अपने जीवन के कई साल बिहार और उत्तर भारत के संगीत को समर्पित कर दिए हैं। इस मुश्किल घड़ी में हम सबके आशीर्वाद और प्रार्थनाओं की उन्हें बेहद जरूरत है।”

शादी के गीतों से लेकर बॉलीवुड तक – एक विविधतापूर्ण करियर

शारदा सिन्हा ने न केवल लोक संगीत में अपना नाम बनाया, बल्कि बॉलीवुड में भी अपने सुरों का जादू बिखेरा है। उनकी आवाज में गाए गए गाने जैसे “कहे तो से सजना” (मैंने प्यार किया) और “बाबुल” (हम आपके हैं कौन) आज भी लोगों के दिलों में बसे हुए हैं। अनुराग कश्यप की फिल्म ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर 2’ में उनका गाया गाना “तार बिजली से पतले” भी बहुत मशहूर हुआ।

1980 में ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन से अपने करियर की शुरुआत करने वाली शारदा सिन्हा को उनके योगदान के लिए पद्मश्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण जैसे कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से नवाजा गया है।

बेटे ने भावुक होकर किया खुलासा – “बस प्रार्थना कीजिए”

अंशुमन ने लाइव आकर कहा, “मैं इस वक्त लाइव आकर आप सभी को सही जानकारी दे रहा हूं ताकि कोई गलत खबर न फैले। कम से कम इस कठिन समय में सच और झूठ के बीच फर्क रखना जरूरी है। हम सब बस यही प्रार्थना कर रहे हैं कि मां किसी तरह इस लड़ाई से बाहर आ जाएं। छठ मैया उनकी रक्षा करें।”

उनका ये बयान सुनकर लाखों लोगों के दिल दहल गए हैं और हर कोई शारदा सिन्हा के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहा है।

बेटे की अपील – “छठ पूजा में मां को अपनी प्रार्थनाओं में शामिल करें”

अंशुमन ने यह भी अपील की कि छठ पूजा के समय लोग अपनी पूजा और प्रार्थनाओं में उनकी मां का नाम भी शामिल करें। छठ पर्व की महिमा और इस पर्व से शारदा सिन्हा का जुड़ाव लोगों के लिए एक विशेष महत्व रखता है।

छठ पूजा के लिए समर्पित शारदा सिन्हा ने अपने मधुर गीतों से पूरे देश को अपने संगीत के प्रति श्रद्धा से जोड़ दिया है। उनके गीतों के बिना यह पर्व अधूरा सा लगता है, और इसी वजह से लोग उन्हें ‘छठ मैया की आवाज़’ भी कहते हैं।

दिल्ली के एम्स में इलाज: डॉक्टरों की कड़ी मेहनत

शारदा सिन्हा का इलाज दिल्ली के एम्स अस्पताल में चल रहा है। डॉक्टरों की एक टीम उनकी देखभाल कर रही है और उनके जल्द ठीक होने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। अंशुमन ने बताया कि डॉक्टरों ने कहा है कि स्थिति अचानक बिगड़ने के बाद स्थिति गंभीर हो गई है, और इसलिए वेंटिलेटर का सहारा लेना पड़ा है।

छठ पर्व पर शारदा सिन्हा का प्रभाव – एक अमिट धरोहर

शारदा सिन्हा ने छठ पर्व के गीतों से एक अमिट धरोहर बनाई है। उनके गीतों में गंगा नदी की महिमा, सूर्य देव की पूजा और छठ पर्व का विशेष महत्व दर्शाया गया है। उनके गीत ‘पहिली बार, करबो अरग हम छठी माई के’ और ‘केलवा के पात पर उग हो सूरज देव’ छठ पर्व के दौरान हर घर में गाए जाते हैं। इन गीतों ने उन्हें न केवल बिहार बल्कि पूरे देश में पहचान दिलाई है।

भारतीय लोक संगीत में शारदा सिन्हा का योगदान

शारदा सिन्हा ने भारतीय लोक संगीत को एक नई दिशा दी है। उन्होंने अपने मधुर और दिल को छू लेने वाले गीतों के जरिए भारतीय लोक संगीत को न केवल देश बल्कि विदेशों में भी पहचान दिलाई है। उनकी आवाज में एक विशेष प्रकार की मिठास है जो श्रोताओं के दिलों को छू लेती है।

पुरस्कारों की लंबी फेहरिस्त

शारदा सिन्हा को उनके योगदान के लिए कई पुरस्कारों से नवाजा गया है। 1992 में उन्हें पद्मश्री, 2006 में पद्म भूषण और 2018 में पद्म विभूषण जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कार मिले। ये पुरस्कार भारतीय लोक संगीत और उनकी अद्वितीय आवाज़ के प्रति समाज की ओर से सम्मान हैं।

प्रशंसकों की अपील – “छठ मैया, शारदा मां को जल्दी ठीक करें”

प्रशंसकों की ओर से सोशल मीडिया पर लगातार यह अपील की जा रही है कि छठ मैया से शारदा सिन्हा के लिए प्रार्थना की जाए। कई लोगों ने लिखा है, “छठ मैया, शारदा मां को जल्दी ठीक करें ताकि वे फिर से हमें अपने मधुर गीतों से मंत्रमुग्ध कर सकें।” वहीं, कुछ प्रशंसकों ने शारदा सिन्हा के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए उनके दर्शन करने की इच्छा भी जताई।

निष्कर्ष: संगीत की दुनिया में शारदा सिन्हा का स्थान

शारदा सिन्हा ने अपने मधुर गीतों से न केवल भारतीय लोक संगीत को एक नया मुकाम दिया है, बल्कि छठ पर्व को भी विशेष स्थान दिलाया है। इस समय जब वे गंभीर स्वास्थ्य समस्या से जूझ रही हैं, उनके प्रशंसकों और चाहने वालों का उनके लिए प्रार्थनाएं करना स्वाभाविक है।

अभी सभी की नजरें उनके स्वास्थ्य पर टिकी हैं और उनके बेटे अंशुमन द्वारा दी गई अपडेट पर लगातार ध्यान दिया जा रहा है। हम सब यह आशा करते हैं कि वे जल्द स्वस्थ होकर फिर से हमारे बीच लौटें और अपनी मधुर आवाज से हमें छठ पर्व की महिमा का अनुभव कराएं।

छठ मैया और उनके चाहने वाले इस कठिन घड़ी में उनके साथ हैं, और सभी उनके स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।

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