महिलाओं में तेजी से बढ़ रही डिस्क स्लिप की समस्या: जानें कारण, लक्षण और बचाव के उपाय

महिलाओं में तेजी से बढ़ रही डिस्क स्लिप की समस्या: जानें कारण, लक्षण और बचाव के उपाय
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महिलाओं में क्यों बढ़ रही है डिस्क स्लिप की समस्या?

करनाल। आधुनिक जीवनशैली, अनियमित दिनचर्या और शारीरिक श्रम की अधिकता के चलते महिलाओं में डिस्क स्लिप (Slip Disc) की समस्या तेजी से बढ़ रही है। यह समस्या न केवल गृहिणियों को प्रभावित कर रही है, बल्कि कामकाजी महिलाओं में भी यह बड़ी चुनौती बनती जा रही है। जिला नागरिक अस्पताल के एमएस ऑर्थोपेडिक डॉक्टर कार्तिक के अनुसार, प्रतिदिन लगभग 300 मरीज ओपीडी में पहुंच रहे हैं, जिनमें से 250 से अधिक महिलाएं डिस्क स्लिप की समस्या से पीड़ित होती हैं।

क्या है डिस्क स्लिप?

हमारी रीढ़ की हड्डी में कई कशेरुकाएं (vertebrae) होती हैं, जिनके बीच एक जेल जैसे पदार्थ से भरी डिस्क होती है। यह डिस्क झटकों को अवशोषित करने का काम करती है और रीढ़ को लचीला बनाए रखती है। जब यह डिस्क अपने स्थान से खिसक जाती है या बाहर की ओर उभर जाती है, तो इसे डिस्क स्लिप कहा जाता है। यह स्थिति बहुत तेज दर्द, सुन्नता और चलने-फिरने में कठिनाई पैदा कर सकती है।

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डिस्क स्लिप के मुख्य कारण

1. गलत मुद्रा में बैठना

कामकाजी महिलाओं में यह समस्या इसलिए बढ़ रही है क्योंकि वे लंबे समय तक गलत पोश्चर में बैठती हैं। ऑफिस में लगातार कुर्सी पर झुककर काम करने या फिर लैपटॉप का उपयोग गलत तरीके से करने से यह समस्या उत्पन्न होती है।

2. भारी सामान उठाना

गृहिणियों में यह समस्या भारी सामान उठाने, झाड़ू-पोंछा करने, रसोई में ज्यादा देर तक खड़े रहने और घर के अन्य कामों की वजह से ज्यादा देखी जा रही है।

3. मोटापा और वजन बढ़ना

अधिक वजन होने से रीढ़ की हड्डी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे डिस्क स्लिप की समस्या जन्म ले सकती है।

4. शारीरिक गतिविधि की कमी

यदि कोई महिला एक्टिव नहीं रहती, व्यायाम नहीं करती और दिनभर एक ही पोजीशन में बैठी रहती है, तो उसकी मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं और डिस्क पर दबाव बढ़ जाता है।

5. उम्र बढ़ने से हड्डियों की कमजोरी

जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, हमारी हड्डियों की मजबूती कम होने लगती है और रीढ़ की डिस्क भी कमजोर हो जाती है, जिससे यह समस्या बढ़ सकती है।

डिस्क स्लिप के प्रमुख लक्षण

1. पीठ और गर्दन में लगातार दर्द

डिस्क स्लिप होने पर पीठ के निचले हिस्से या गर्दन में लगातार दर्द रहता है, जो कभी-कभी कूल्हों और पैरों तक भी फैल सकता है।

2. हाथों और पैरों में सुन्नता या झुनझुनी

अगर डिस्क स्नायु पर दबाव डालती है, तो हाथों और पैरों में झुनझुनी और सुन्नता महसूस हो सकती है।

3. चलने-फिरने में परेशानी

डिस्क स्लिप होने पर लंबे समय तक खड़े रहना या चलना दर्दनाक हो सकता है। कई महिलाएं शिकायत करती हैं कि थोड़ी दूर चलने के बाद ही पीठ में तेज दर्द होने लगता है।

4. मांसपेशियों में कमजोरी

रीढ़ की हड्डी पर अधिक दबाव पड़ने के कारण मांसपेशियां कमजोर हो सकती हैं, जिससे महिलाओं को किसी भी चीज़ को पकड़ने या उठाने में कठिनाई होती है।

डिस्क स्लिप से बचाव के लिए महत्वपूर्ण टिप्स

1. सही तरीके से बैठना और काम करना

  • ऑफिस में सही पोश्चर बनाए रखें।
  • कुर्सी ऐसी होनी चाहिए, जिससे कमर को पूरा सपोर्ट मिले
  • लगातार बैठने के बजाय हर 30-40 मिनट में खड़े होकर थोड़ा चलें

2. नियमित व्यायाम करें

  • योग और स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करें।
  • पीठ और पेट की मांसपेशियों को मजबूत करने वाले व्यायाम करें।
  • तैराकी और वॉकिंग भी काफी फायदेमंद होती है।

3. वजन नियंत्रित रखें

  • वजन बढ़ने से बचें, क्योंकि अधिक वजन रीढ़ की हड्डी पर दबाव बढ़ाता है
  • हेल्दी डाइट लें, जिसमें कैल्शियम और विटामिन डी भरपूर मात्रा में हो।

4. भारी सामान उठाने से बचें

  • अगर कोई भारी सामान उठाना जरूरी हो, तो घुटनों को मोड़कर सीधा रीढ़ को सपोर्ट देते हुए उठाएं
  • झुककर भारी सामान उठाने से बचें

5. नियमित रूप से हेल्थ चेकअप कराएं

अगर कमर या गर्दन में लगातार दर्द बना हुआ है, तो इसे नज़रअंदाज न करें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

डिस्क स्लिप का सही इलाज कैसे करें?

1. फिजियोथेरेपी से राहत

डिस्क स्लिप के शुरुआती चरण में फिजियोथेरेपी से काफी हद तक राहत मिल सकती है। इससे रीढ़ की मांसपेशियों को मजबूत किया जाता है और दर्द को कम किया जाता है।

2. दर्द निवारक दवाएं

डॉक्टर के परामर्श से दर्द कम करने वाली दवाएं ली जा सकती हैं। हालांकि, इन्हें लंबे समय तक लेने से बचना चाहिए

3. सर्जरी कब जरूरी होती है?

अगर फिजियोथेरेपी और दवाओं से राहत नहीं मिलती और चलने-फिरने में अत्यधिक परेशानी होती है, तो सर्जरी की आवश्यकता हो सकती है।

गलत इलाज से बचें, सही डॉक्टर से सलाह लें

डॉक्टरों ने यह भी चेतावनी दी है कि डिस्क स्लिप जैसी गंभीर बीमारी के इलाज के लिए गैर-प्रशिक्षित लोगों या पहलवानों से मालिश या स्ट्रैपिंग न करवाएं। इससे अस्थायी आराम मिल सकता है, लेकिन लंबे समय में नुकसान हो सकता है

महिलाओं को अपनी सेहत को प्राथमिकता देनी होगी

अक्सर महिलाएं अपने स्वास्थ्य की अनदेखी करती हैं, लेकिन डिस्क स्लिप की समस्या को हल्के में लेना खतरनाक साबित हो सकता है। अगर आपको इस समस्या के लक्षण महसूस हों, तो बिना देर किए डॉक्टर से संपर्क करें।

निष्कर्ष

महिलाओं में डिस्क स्लिप की समस्या लगातार बढ़ रही है, जिसका मुख्य कारण गलत जीवनशैली, भारी काम, गलत तरीके से बैठना और मोटापा है। लेकिन सही सावधानी बरतकर और नियमित व्यायाम करके इस समस्या से बचा जा सकता है। महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने की जरूरत है ताकि वे लंबे समय तक स्वस्थ और सक्रिय जीवन जी सकें

Source: Amar Ujala

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