लेबनान में पेजर और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में धमाके: इज़राइल ने दी नई चेतावनी, हिज्बुल्लाह को चुकानी होगी बड़ी कीमत

लेबनान में पेजर और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में धमाके: इज़राइल ने दी नई चेतावनी, हिज्बुल्लाह को चुकानी होगी बड़ी कीमत
Spread the love

पेजर, वॉकी-टॉकी और सोलर पैनल में सीरियल धमाकों के बाद इजरायल का सख्त रुख

लेबनान की राजधानी बेरूत इन दिनों लगातार हो रहे सीरियल ब्लास्ट की वजह से खौफ में है। पेजर, वॉकी-टॉकी और सोलर पैनल जैसी आम चीजों में हो रहे इन धमाकों ने ना सिर्फ हिज्बुल्लाह की सुरक्षा व्यवस्था को ध्वस्त कर दिया है, बल्कि आम लोगों में भी भारी डर का माहौल पैदा कर दिया है। इन घटनाओं के बाद इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है, और अब इजरायल ने हिज्बुल्लाह को चेतावनी दी है कि उसे इन हमलों की भारी कीमत चुकानी होगी।

इजरायल की कड़ी चेतावनी: ‘ये बस शुरुआत है…’

बुधवार को इजरायल के सेना प्रमुख जनरल हर्ज़ी हलेवी ने उत्तरी इजरायल के इलाकों का दौरा करते हुए साफ-साफ कहा कि हिज्बुल्लाह को और बड़ी कीमत चुकानी होगी। उन्होंने कहा, “हमारी कई क्षमताएं अभी भी सक्रिय नहीं की गई हैं। हर चरण के साथ हिज्बुल्लाह के खिलाफ हमारी प्रतिक्रिया और तेज होगी।” यह बयान तब आया है जब लेबनान के दक्षिणी इलाकों और राजधानी बेरूत में पेजर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में धमाकों से अब तक 32 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, जबकि सैकड़ों लोग गंभीर रूप से घायल हैं।

लेबनान में सीरियल धमाके: दो दिनों में दर्जनों मौतें, सैकड़ों घायल

लेबनान के लोग पिछले दो दिनों से लगातार हो रहे धमाकों से हिल गए हैं। मंगलवार को सबसे पहले पेजर में धमाकों की खबर आई, जिसमें 12 लोगों की मौत हो गई और 3,000 से ज्यादा लोग घायल हो गए। उसके बाद, बुधवार को वॉकी-टॉकी और सोलर पैनल में धमाके हुए, जिसमें 20 और लोगों की जान चली गई और 500 से ज्यादा लोग घायल हो गए। इन घटनाओं ने पूरे लेबनान को दहशत में डाल दिया है।

धमाकों का पैटर्न भी चौंकाने वाला है। पहले पेजर में धमाके हुए, फिर वॉकी-टॉकी, सोलर पैनल और अब मोबाइल फोन तक में धमाकों की खबरें सामने आ रही हैं। इन सीरियल धमाकों ने हिज्बुल्लाह की सुरक्षा रणनीति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जो इन उपकरणों का इस्तेमाल अपने संचार के लिए करती थी।

मोसाद पर आरोप, इजरायल की चुप्पी

लेबनान की सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इन धमाकों के पीछे इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद का हाथ है। कहा जा रहा है कि मोसाद ने हिज्बुल्लाह द्वारा उपयोग किए जाने वाले 5,000 पेजर में विस्फोटक लगाए थे, जिन्हें दूर से नियंत्रित करके ब्लास्ट किया गया। हालांकि, इजरायल के अधिकारियों ने अब तक इन धमाकों पर कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है।

ब्रिटिश न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल ने हिज्बुल्लाह के संचार उपकरणों को निशाना बनाकर ये हमला किया, जिससे संगठन की ऑपरेशन क्षमता पर गहरा असर पड़ा है। इजरायल की चुप्पी और लेबनान के लगातार बढ़ते मौत के आंकड़ों ने पूरे मध्य-पूर्व में तनाव बढ़ा दिया है।

हिज्बुल्लाह के खिलाफ इजरायल की रणनीति: नई ‘डिफेंसिव’ और ‘ऑफेंसिव’ योजनाएं

इजरायल ने साफ कर दिया है कि ये हमले किसी सामान्य सैन्य कार्रवाई का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि हिज्बुल्लाह को कमजोर करने की एक सोची-समझी रणनीति है। इजरायल के सेना प्रमुख ने उत्तरी कमान का दौरा कर वहां की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की और नए आक्रामक और रक्षात्मक योजनाओं को मंजूरी दी। उनका मानना है कि इजरायल के पास अब भी ऐसी कई क्षमताएं हैं, जिन्हें उन्होंने सक्रिय नहीं किया है, लेकिन जरूरत पड़ने पर उन्हें लागू किया जा सकता है।

इजरायल के रक्षा मंत्री योव गैलेंट ने भी इस मामले पर बयान देते हुए कहा, “हम एक नए युग की शुरुआत में हैं, जहां हमें अपनी रणनीति को बदलने और स्थिति के हिसाब से खुद को ढालने की जरूरत है।” गैलेंट का ये बयान इस बात की तरफ इशारा करता है कि इजरायल किसी भी बड़े टकराव के लिए तैयार है और उसके पास हिज्बुल्लाह के खिलाफ अन्य विकल्प भी मौजूद हैं।

बेरूत और दक्षिणी लेबनान में दहशत का माहौल

बेरूत और दक्षिणी लेबनान के कई इलाकों में लोग अब डर के साए में जी रहे हैं। पेजर, वॉकी-टॉकी और सोलर पैनल जैसे रोजमर्रा के उपकरणों में हो रहे धमाके लोगों के लिए एक बड़ा खतरा बन गए हैं। बुधवार को वॉकी-टॉकी में धमाकों की खबर के बाद पूरे इलाके में अफरातफरी मच गई। कई लोग डर के मारे अपने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को फेंक रहे हैं, ताकि वे विस्फोट का शिकार न बनें।

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, धमाकों में 32 लोगों की जान जा चुकी है और 500 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। इनमें से कई लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है। लेबनान के रेड क्रॉस ने कई इलाकों में अपनी एंबुलेंस सेवा को सक्रिय कर दिया है और घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाने का काम किया जा रहा है।

हिज्बुल्लाह के कमांडरों की मुश्किलें बढ़ीं

हिज्बुल्लाह, जो अब तक इजरायल के खिलाफ लड़ाई में एक मजबूत भूमिका निभाता रहा है, अब खुद एक बड़े संकट का सामना कर रहा है। संचार उपकरणों पर हुए इन हमलों ने संगठन को बैकफुट पर धकेल दिया है। हिज्बुल्लाह के कई कमांडर और लड़ाके इन हमलों में मारे गए हैं या गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

हिज्बुल्लाह के एक वरिष्ठ अधिकारी ने स्वीकार किया कि यह संगठन के इतिहास का सबसे बड़ा सुरक्षा उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि वे अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि उनके उपकरणों में विस्फोटक कैसे लगाए गए और वे अपनी सुरक्षा में ऐसी चूक कैसे होने दी।

सीरियल धमाकों के बाद इजरायल-लेबनान संबंधों में नया मोड़

इन घटनाओं के बाद इजरायल और लेबनान के बीच पहले से तनावपूर्ण संबंध और खराब हो गए हैं। इजरायल ने साफ कर दिया है कि वह हिज्बुल्लाह को कमजोर करने के लिए किसी भी हद तक जा सकता है, जबकि हिज्बुल्लाह ने भी इजरायल पर जवाबी हमलों की चेतावनी दी है।

इन घटनाओं ने मध्य-पूर्व में एक और बड़े युद्ध की आशंका को बढ़ा दिया है। लेबनान पहले से ही राजनीतिक अस्थिरता, आर्थिक संकट और 2020 के बेरूत धमाके से जूझ रहा है। ऐसे में हिज्बुल्लाह और इजरायल के बीच किसी बड़े टकराव का सीधा असर पूरे देश पर पड़ेगा।

आगे क्या?

इन धमाकों और इजरायल की चेतावनी के बाद सभी की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि हिज्बुल्लाह क्या जवाबी कार्रवाई करेगा। हाल के वर्षों में हिज्बुल्लाह ने इजरायल के खिलाफ कई छोटे-बड़े हमले किए हैं, लेकिन अब उसके सामने खुद को फिर से संगठित करने और इजरायल के खिलाफ मजबूती से खड़े होने की चुनौती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि हिज्बुल्लाह फिलहाल एक पूर्ण युद्ध से बचने की कोशिश करेगा, लेकिन इजरायल द्वारा किए गए इन हमलों ने उसकी क्षमताओं पर बड़ा असर डाला है। वहीं, इजरायल भी किसी बड़े संघर्ष के लिए पूरी तरह तैयार दिख रहा है।

लेबनान में हो रहे इन धमाकों ने ना सिर्फ वहां के राजनीतिक परिदृश्य को हिला दिया है, बल्कि पूरे मध्य-पूर्व में अस्थिरता को बढ़ा दिया है। अगर ये तनाव बढ़ता है, तो इसका असर केवल लेबनान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरा क्षेत्र एक बड़े युद्ध की चपेट में आ सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *