कनाडा को मैसेज, चरमपंथियों को वॉर्निंग: भारत का कहना – क्षेत्रीय अखंडता पर बुरी नजर रखने वालों के लिए हमने खींच दी रेड लाइन

कनाडा को मैसेज, चरमपंथियों को वॉर्निंग: भारत का कहना - क्षेत्रीय अखंडता पर बुरी नजर रखने वालों के लिए हमने खींच दी रेड लाइन
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कनाडा में हाल ही में एक नगर कीर्तन परेड का आयोजन किया गया था, जिसमें भारत के नेताओं पर निशाना साधते हुए झांकियां निकाली गईं और भड़काऊ बयानबाजी की गई। परेड में दल खालसा के परमजीत मंड और अवतार सिंह पन्नू जैसे चरमपंथी नेताओं ने भड़काऊ भाषण दिए। इन्हें भारत की सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकवादी घोषित कर रखा है.

कनाडा में बीते दिनों एक नगर कीर्तन परेड के दौरान खालिस्तान के समर्थन में झांकियां निकाली गई थीं। भारत ने इन झांकियों की तीखी आलोचना की, क्योंकि उनमें भारतीय नेताओं का हिंसक चित्रण किया गया था। भारतीय सरकार ने कनाडा को सख्तता से चेताया है कि किसी भी समाज में हिंसा का समर्थन किया नहीं जाएगा.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने आज एक बयान जारी किया, जिसमें उन्होंने कहा कि कनाडा में चरमपंथी तत्वों द्वारा हमारे नेताओं की हिंसक छवियां इस्तेमाल की जा रही हैं। उन्होंने इस प्रकार की क्रिया का कड़ा खंडन किया और इसे विरोधित किया। पिछले साल, एक पूर्व प्रधानमंत्री की हत्या को दर्शाने वाली झांकी का भी उपयोग एक जुलूस में किया गया था। साथ ही, पूरे कनाडा में भारतीय राजनयिकों के खिलाफ हिंसा की धमकी वाले पोस्टर भी लगाए गए थे.

जायसवाल ने कहा कि हिंसा का समर्थन और महिमामंडन किसी भी समाज का हिस्सा नहीं होना चाहिए। लोकतांत्रिक देशों को, जो कानून का सम्मान करते हैं, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर चरमपंथी तत्वों द्वारा डराने और धमकाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए.

जायसवाल ने कहा कि हम कनाडा में हमारे राजनयिक प्रतिनिधियों की सुरक्षा को लेकर हमेशा चिंतित रहते हैं और उम्मीद करते हैं कि कनाडा सरकार ये सुनिश्चित करें कि वे बिना किसी डर के अपना काम करें। हम एक बार फिर कनाडा सरकार से आह्वान करते हैं कि वे अपने मुल्क में अपराधियों और कट्टरपंथियों को पॉलिटिकल स्पेस नहीं दें.

देश की अखंडता पर विदेशियों की बुरी नजर

कनाडा में भारतीय उच्चायुक्त संजय कुमार वर्मा ने भारत और कनाडा के संबंधों पर एक महत्वपूर्ण बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि भारत की क्षेत्रीय अखंडता को लेकर हमने लक्ष्मण रेखा (Red Line) खींच दी है, और यह एक महत्वपूर्ण संदेश है उन विदेशियों के लिए जो भारत के इस मामले में सकारात्मक या नकारात्मक भूमिका अदा करना चाहते हैं.

उन्होंने इसके अलावा कहा कि भारतीयों को लेकर भारत ही फैसला करेगा, और भारत का भविष्य भी भारत ही तय करेगा, न कि विदेशी अधिकार। उनकी प्रमुख चिंता राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर है, और वे इसे लेकर कड़ी नजर रख रहे हैं, खासकर क्योंकि कनाडा के कुछ घटनाक्रम इस पर चुनौती प्रस्तुत कर रहे हैं.

क्या हुआ था नगर कीर्तन परेड में?

कनाडा के माल्टन में हाल ही में एक नगर कीर्तन परेड का आयोजन किया गया था। इस परेड का आयोजन ओंटारियो गुरुद्वारा समिति की ओर से किया गया था। परेड में भारत के नेताओं पर निशाना साधते हुए झांकियां निकाली गई और उनके खिलाफ भड़काऊ बयानबाजी की गई। दल खालसा के परमजीत मंड और अवतार सिंह पन्नू जैसे चरमपंथी नेताओं ने भड़काऊ भाषण दिए। इन्हें भारत की सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकवादी घोषित कर रखा है.

ट्रूडो ने भारत पर लगाया था निज्जर की हत्या का आरोप

पिछले साल संसद में बोलते हुए कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने भारत को खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का इल्जाम लगाया था। इस बयान के बाद, भारत और कनाडा के बीच राजनयिक तनाव बढ़ गया था। इसके परिणामस्वरूप, दोनों देशों के बीच रिश्तों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। भारत ने भी ट्रूडो और उनकी पार्टी पर खालिस्तानियों को लुभाने के लिए वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाया था.

पिछले साल हुई थी निज्जर की हत्या

पिछले साल जून में कनाडा के सर्रे में एक गुरुद्वारे के बाहर गोली मारकर निज्जर की हत्या कर दी गई थी। निज्जर खालिस्तानी आतंकी थे और खालिस्तान टाइगर फोर्स के चीफ भी थे। वह बीते कई सालों से कनाडा में रह रहा था और वहां से भारत के खिलाफ खालिस्तानी आतंकवाद को हवा दे रहा था.

खुफिया सूत्रों के मुताबिक, निज्जर भारतीय जांच एजेंसियों के लिए पिछले एक साल में इसलिए और भी ज्यादा बड़ा सिरदर्द बन गया था क्योंकि उसने लॉरेंस बिश्नोई गैंग के गुरुगों को विदेशों में लॉजिस्टिक और पैसा मुहैया करवाना शुरू कर दिया था.

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