वाद-विवाद प्रतियोगिता में अस्मिता ने मारी बाज़ी! 10 होनहार छात्रों का सम्मान

वाद-विवाद प्रतियोगिता में अस्मिता ने मारी बाज़ी! 10 होनहार छात्रों का सम्मान
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इंद्री में मातृभाषा दिवस की धूम, विद्यालय में हुआ भव्य आयोजन

इंद्री: भाषा संस्कृति की आत्मा होती है और जब इसे मनाने का अवसर आता है, तो इसकी महत्ता और भी बढ़ जाती है। इसी क्रम में अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, ब्याना में एक भव्य समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर विभिन्न शैक्षणिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिसमें वाद-विवाद प्रतियोगिता मुख्य आकर्षण रही।

वाद-विवाद प्रतियोगिता: प्रतिभाशाली छात्रों ने दिखाया दम

विद्यालय में आयोजित वाद-विवाद प्रतियोगिता में छात्रों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया और अपने ओजस्वी विचारों से उपस्थित जनसमूह को प्रभावित किया। इस प्रतियोगिता में अस्मिता ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, अदिति दूसरे स्थान पर रहीं और अनम ने तीसरा स्थान हासिल किया।

इन छात्रों की प्रस्तुतियों ने बटोरी सराहना

इस प्रतियोगिता में अन्य प्रतिभागी छात्रों ने भी प्रभावी प्रदर्शन किया, जिनमें उदित, तरुण, समिति, मन्नत, चारु, पार्थ और मनप्रीत विशेष रूप से उल्लेखनीय रहे। इनकी प्रस्तुतियों को खूब सराहा गया और इन्हें भी विद्यालय प्रशासन द्वारा प्रोत्साहित किया गया।

खंड स्तरीय प्रतियोगिता में विजेताओं का सम्मान

इस समारोह में न केवल वाद-विवाद प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया गया, बल्कि खंड स्तरीय ‘पढ़े भारत-बढ़े भारत’ पठन वर्धन प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को भी पुरस्कृत किया गया। इनमें देवांशी, यशवी, सिमरण, अंशिका, पार्थ, मनप्रीत, चारू, मानसी, जिज्ञांश और वंशिका के नाम शामिल हैं।

प्रधानाचार्य ने दिया प्रेरणादायक संदेश

इस पूरे आयोजन की अध्यक्षता विद्यालय के प्रधानाचार्य राम कुमार सैनी ने की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा, “भाषा हमारी अभिव्यक्ति का सबसे सशक्त माध्यम है। जब हम अपनी मातृभाषा में विचार व्यक्त करते हैं, तो हमारी अभिव्यक्ति और भी प्रभावी बन जाती है।” उन्होंने विजेता छात्रों को बधाई दी और अन्य विद्यार्थियों को भी इस प्रकार की प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया।

शिक्षकों का मार्गदर्शन और सहयोग

इस कार्यक्रम का संयोजन और संचालन हिन्दी प्राध्यापक अरुण कुमार केहरबा और हिन्दी अध्यापक नरेश मीत द्वारा किया गया। विद्यालय के प्राध्यापक बलविंद्र सिंह, अश्विनी कांबोज, निशा कांबोज, संगीता शर्मा, सोमपाल और रमन सैनी ने भी इस आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

शिक्षकों के विचार और संदेश

विद्यालय के शिक्षकों ने भी इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त किए। प्राध्यापक बलविंद्र सिंह और अश्विनी कांबोज ने कहा कि विचारों की अहमियत तब ही होती है, जब हम उन्हें न केवल सुनें बल्कि अपने जीवन में अपनाने का प्रयास करें। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे पढ़ाई के साथ-साथ वाद-विवाद और अन्य बौद्धिक प्रतियोगिताओं में भी हिस्सा लें, जिससे उनका बौद्धिक विकास हो सके।

समारोह की विशेषताएँ और भविष्य की योजनाएँ

विद्यालय प्रशासन ने इस तरह के कार्यक्रमों को भविष्य में और बड़े स्तर पर आयोजित करने की योजना बनाई है। प्रधानाचार्य और शिक्षकों ने घोषणा की कि अगले वर्ष इस प्रतियोगिता को क्षेत्रीय स्तर पर विस्तृत किया जाएगा, जिससे अधिक संख्या में छात्र अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें।

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उत्साह और जोश से भरा समारोह

समारोह के दौरान विद्यार्थियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। सभी ने प्रतियोगिता का आनंद उठाया और विजेता छात्रों को प्रोत्साहित किया। विद्यालय में इस आयोजन को लेकर विशेष तैयारियाँ की गई थीं, जिससे समारोह भव्य और प्रभावशाली बन सका।

निष्कर्ष: प्रेरणा से भरपूर आयोजन

इस वाद-विवाद प्रतियोगिता और मातृभाषा दिवस समारोह ने न केवल छात्रों को अपनी अभिव्यक्ति क्षमता बढ़ाने का अवसर दिया, बल्कि भाषा के महत्व को भी रेखांकित किया। विजेता और प्रतिभागी छात्रों के उत्साह को देखकर यह स्पष्ट हो गया कि भविष्य में भी ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को सीखने और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते रहेंगे।

यह आयोजन केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि भाषा और विचारों की शक्ति को पहचानने का अवसर था। विजेता छात्रों को एक बार फिर से बधाई और भविष्य के लिए शुभकामनाएँ!

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