लेखक: संजय शर्मा | विशेष संवाददाता | दिल्ली
भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनज़र देशभर में सुरक्षा तैयारियां जोरों पर हैं। 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद से केंद्र सरकार ने सुरक्षा बलों को सतर्क कर दिया है। दिल्ली सहित देश के 244 जिलों में एक साथ मॉक ड्रिल आयोजित की जा रही है। इसी कड़ी में दिल्ली पुलिस मुख्यालय पर एक विशेष तकनीक — LRAD (लॉन्ग रेंज एकॉस्टिक डिवाइस) — तैनात की गई है।
क्या है LRAD सिस्टम?
LRAD एक हाई-टेक ध्वनि आधारित चेतावनी प्रणाली है, जो किसी भी आपातकालीन स्थिति जैसे आतंकी हमले, दंगे, या प्राकृतिक आपदा के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने और अलर्ट जारी करने में सक्षम है। यह उपकरण 500 मीटर से लेकर 1 किलोमीटर या उससे अधिक दूरी तक तीव्र ध्वनि सिग्नल प्रसारित कर सकता है, जिससे किसी भी खतरे की स्थिति में तत्काल चेतावनी दी जा सकती है।
दिल्ली पुलिस के उच्च अधिकारियों को इस डिवाइस के संचालन और आपातकालीन प्रतिक्रिया में इसके उपयोग के संबंध में विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है। यह तकनीक अमेरिका समेत कई विकसित देशों में पहले से उपयोग में है, और अब भारत में इसे पहली बार बड़े पैमाने पर लागू किया जा रहा है।
भारत की तैयारियां: तीनों सेनाओं को PM की खुली छूट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार सेना, नौसेना और वायुसेना प्रमुखों के साथ सुरक्षा स्थितियों की समीक्षा कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री ने यह स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आतंक के खिलाफ किसी भी तरह की सख्त कार्रवाई से पीछे न हटें।
पीएम मोदी का बयान, “अब आतंक के खिलाफ आखिरी लड़ाई होगी। जो बचे हैं, उन्हें भी मिटा देंगे। इस बार उन्हें ऐसी सज़ा मिलेगी जो उनकी कल्पना से परे होगी।” यह स्पष्ट करता है कि भारत अब रक्षात्मक नहीं, बल्कि आक्रामक नीति के तहत काम करेगा।
244 जिलों में मॉक ड्रिल: नागरिकों और सुरक्षा बलों की तैयारी की परीक्षा
7 मई को देशभर के 244 जिलों में मॉक ड्रिल आयोजित की गई है। इसका उद्देश्य संभावित युद्ध या आतंकी हमले की स्थिति में नागरिक प्रशासन, पुलिस बल, अर्धसैनिक बल, सिविल डिफेंस और आम जनता की तैयारियों को परखना है। इन अभ्यासों में स्कूली छात्र, NCC कैडेट्स और स्वयंसेवक भी शामिल किए गए हैं।
ड्रिल के दौरान आपातकालीन सायरन, बंकर अभ्यास, बचाव कार्यों का प्रदर्शन और जनता को जागरूक करने के लिए विभिन्न सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।
सीमावर्ती क्षेत्रों में हलचल: अखनूर सेक्टर में बंकर तैयार
जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती क्षेत्रों में, विशेष रूप से अखनूर सेक्टर में, लोग बंकरों की सफाई कर रहे हैं और आवश्यक सामान जैसे राशन, पानी, कूलर, दवाइयाँ इत्यादि जमा कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वे किसी भी आपात स्थिति के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।
सेना की मदद से बंकरों की मरम्मत करवाई जा रही है और बच्चों, महिलाओं को सुरक्षात्मक उपायों की जानकारी दी जा रही है। यह पहल दर्शाती है कि भारत अब न केवल सैनिक रूप से बल्कि नागरिक स्तर पर भी पूर्ण तैयारी की दिशा में है।
जम्मू-कश्मीर में लगातार अभ्यास: SDRF और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई
श्रीनगर में झेलम नदी के किनारे SDRF ने आपदा बचाव का विशेष प्रदर्शन किया, जिसमें दिखाया गया कि हवाई हमले या मिसाइल अटैक की स्थिति में कैसे नागरिकों को सुरक्षित किया जा सकता है।
मॉक ड्रिल का उद्देश्य जनता को यह बताना भी है कि केवल सेना ही नहीं, बल्कि हर नागरिक को सतर्क और तैयार रहना चाहिए।
पाकिस्तान में डर का माहौल: स्टॉक हो रहा आटा-दाल, नेताओं के विवादित बयान
दूसरी ओर, पाकिस्तान में भारत के संभावित जवाबी हमले को लेकर भय का वातावरण व्याप्त है। खासकर पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) के मुजफ्फराबाद में नागरिक राशन और ज़रूरी सामान का स्टॉक कर रहे हैं।
पाकिस्तान के सांसद शेर अफजल खान मारवात के एक बयान ने देश की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने कहा, “अगर भारत से युद्ध हुआ तो मैं इंग्लैंड भाग जाऊंगा।” यह बयान पाकिस्तान के राजनैतिक नेतृत्व की युद्ध के प्रति मानसिकता को दर्शाता है।
निष्कर्ष: भारत अब चुप नहीं बैठेगा
पहलगाम हमले के बाद भारत अब केवल शब्दों तक सीमित नहीं है। राजधानी दिल्ली में अत्याधुनिक तकनीक LRAD का प्रयोग, देशभर में एकसाथ मॉक ड्रिल, सीमावर्ती क्षेत्रों में बंकरों की तैयारी, और सैन्य अभ्यास यह दर्शाते हैं कि भारत युद्ध की स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है।
यह स्थिति केवल भारत-पाक तनाव तक सीमित नहीं, बल्कि एक बड़ा संदेश है उन सभी ताकतों के लिए जो भारत की संप्रभुता को चुनौती देना चाहती हैं।
