7 मई 2025 को भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में स्थित नौ आतंकी ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए। यह कार्रवाई 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में की गई, जिसमें 26 निर्दोष नागरिकों की जान गई थी। इस ऑपरेशन की जानकारी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी गई, जिसमें विदेश सचिव विक्रम मिसरी के साथ दो महिला सैन्य अधिकारी—कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह—उपस्थित थीं।
ऑपरेशन सिंदूर: कार्रवाई का विवरण
भारतीय वायुसेना ने 6 मई की रात को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और PoK में स्थित नौ आतंकी ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए। इन हमलों में बहावलपुर, मुरिदके, कोटली, भिंबर, सियालकोट और मुजफ्फराबाद जैसे स्थानों पर स्थित जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिज्बुल मुजाहिदीन के ठिकानों को निशाना बनाया गया। भारतीय वायुसेना ने राफेल जेट्स का उपयोग करते हुए SCALP और AASM Hammer मिसाइलों से यह कार्रवाई की, जो लगभग 23 मिनट तक चली।
भारत ने इस ऑपरेशन को ‘फोकस्ड, मेजर्ड और नॉन-एस्केलेटरी’ बताया, जिसका उद्देश्य केवल आतंकी ढांचे को नष्ट करना था। हालांकि, पाकिस्तान ने इन हमलों को ‘युद्ध का कार्य’ करार देते हुए जवाबी कार्रवाई की धमकी दी। पाकिस्तान ने दावा किया कि इन हमलों में 26 नागरिक मारे गए और 46 घायल हुए, जबकि भारत ने इन दावों को खारिज किया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस: महिला अधिकारियों की भूमिका
7 मई को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में विदेश सचिव विक्रम मिसरी के साथ दो महिला सैन्य अधिकारी—कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह—उपस्थित थीं। दोनों अधिकारियों ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की जानकारी दी और भारतीय सेना की कार्रवाई को विस्तार से समझाया।
कर्नल सोफिया कुरैशी: एक प्रेरणादायक नेतृत्व
कर्नल सोफिया कुरैशी भारतीय सेना की सिग्नल कोर से जुड़ी अधिकारी हैं। वह पहली महिला अधिकारी हैं जिन्होंने भारतीय सेना के एक पूरे कंटिंजेंट का नेतृत्व किया है। उन्होंने 2016 में ‘एक्सरसाइज फोर्स 18’ मिलिट्री ड्रिल में भारतीय दल का नेतृत्व किया था। गुजरात से आने वाली सोफिया कुरैशी ने बायोकेमिस्ट्री में डिग्री प्राप्त की है और संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशन में छह वर्षों तक कांगो में सेवा दी है।
विंग कमांडर व्योमिका सिंह: आकाश की वीरांगना
विंग कमांडर व्योमिका सिंह 18 दिसंबर 2004 को भारतीय वायुसेना में कमीशन हुईं। उन्हें चीता और चेतक जैसे लड़ाकू हेलिकॉप्टर उड़ाने में महारत हासिल है। 13 वर्षों की सेवा के बाद 2017 में उन्हें विंग कमांडर का पद मिला। उनके पास हजारों घंटे की उड़ान का अनुभव है। उन्होंने बताया कि जब वह कक्षा 6 में थीं, तभी उन्होंने तय कर लिया था कि वह वायुसेना में जाएंगी, क्योंकि उनके नाम का अर्थ है ‘जो आकाश को मुट्ठी में रखे’। 2021 में उन्होंने वायुसेना की महिला विंग के साथ माउंट मणिरंग की चढ़ाई की थी।
पाकिस्तान की प्रतिक्रिया और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
पाकिस्तान ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को ‘युद्ध का कार्य’ करार देते हुए जवाबी कार्रवाई की धमकी दी। पाकिस्तान ने दावा किया कि उसने पांच भारतीय लड़ाकू विमानों को मार गिराया है, हालांकि भारत ने इन दावों की पुष्टि नहीं की है। पाकिस्तान की ओर से की गई गोलीबारी में तीन भारतीय नागरिकों की मौत हुई।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इस स्थिति पर चिंता व्यक्त की है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की है।
निष्कर्ष
‘ऑपरेशन सिंदूर’ भारतीय सेना की एक सटीक और निर्णायक कार्रवाई थी, जिसका उद्देश्य आतंकवाद के खिलाफ कड़ा संदेश देना था। इस ऑपरेशन में महिला अधिकारियों की प्रमुख भूमिका ने भारतीय सेना में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और नेतृत्व क्षमता को प्रदर्शित किया। यह कार्रवाई न केवल आतंकवाद के खिलाफ भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि भारतीय सेना किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है।
