डंकी रूट से अमेरिका भागा, डिपोर्ट होकर लौटा, पुलिस ने दबोचा: हरियाणा के रोहित की 4 साल की फरारी खत्म

डंकी रूट से अमेरिका भागा, डिपोर्ट होकर लौटा, पुलिस ने दबोचा: हरियाणा के रोहित की 4 साल की फरारी खत्म
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कैथल का युवक अमेरिका से डिपोर्ट होकर पहुंचा भारत, पुलिस ने किया गिरफ्तार

हरियाणा के कैथल जिले का एक युवक, जो डंकी रूट के जरिए अमेरिका पहुंचा था, डिपोर्ट होकर भारत लौटा तो पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। यह मामला जिले के बेलजंपर खेड़ी गुलाम अली गांव के रहने वाले रोहित का है, जिसे थाना सीवन पुलिस ने दबोच लिया। रोहित को पहले इंग्लैंड और फिर अमेरिका जाने की कोशिश में सफलता मिली थी, लेकिन कानून से बचना उसके लिए मुश्किल हो गया।

2021 में जमीनी विवाद में किया था हमला, कोर्ट से हुआ था फरार

जानकारी के अनुसार, रोहित पर 6 जून 2021 को अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर गांव में जमीनी विवाद को लेकर हमला करने का आरोप था। इस मामले में थाना सीवन में उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी। पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था, लेकिन बाद में वह जमानत पर छूट गया। हालांकि, केस की सुनवाई के दौरान रोहित कोर्ट में पेश नहीं हुआ।

फरारी के बाद 4 मई 2024 को घोषित हुआ भगोड़ा

कोर्ट में लगातार पेश न होने के कारण न्यायालय ने 4 मई 2024 को रोहित को भगोड़ा घोषित कर दिया। पुलिस उसे पकड़ने की कोशिश करती रही, लेकिन तब तक वह देश छोड़ चुका था।

इंग्लैंड से अमेरिका तक का सफर: डंकी रूट का सहारा लिया

रोहित ने अक्टूबर 2022 में इंग्लैंड के लिए उड़ान भरी। वहां करीब दो साल तक रहने के बाद जनवरी 2025 में उसने अमेरिका जाने का फैसला किया। उसने अवैध तरीके से डंकी रूट का इस्तेमाल कर अमेरिका में घुसने की कोशिश की। लेकिन अमेरिकी पुलिस ने उसे पकड़ लिया और कुछ ही दिनों में उसे डिपोर्ट कर भारत भेज दिया।

डिपोर्ट होते ही कैथल पुलिस ने दबोचा

अमेरिका से डिपोर्ट होकर जैसे ही रोहित भारत लौटा, कैथल पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। सीवन थाना प्रभारी एसआई कुलदीप सिंह के नेतृत्व में एचसी प्रदीप की टीम ने उसे हिरासत में लिया। पुलिस ने रोहित को अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

डंकी रूट का बढ़ता दायरा और अवैध प्रवासियों की मुश्किलें

हाल के वर्षों में, हरियाणा, पंजाब और अन्य उत्तर भारतीय राज्यों से बड़ी संख्या में युवा डंकी रूट के जरिए अमेरिका और अन्य देशों में जाने की कोशिश कर रहे हैं। अवैध प्रवासियों को अकसर गिरफ्तारी और डिपोर्टेशन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। रोहित का मामला भी इसी दिशा में एक उदाहरण है।

पुलिस का सख्त रुख: कानून से भागने वालों पर रहेगी नजर

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। थाना प्रभारी कुलदीप सिंह के अनुसार, “न्याय से भागना आसान नहीं है। चाहे आरोपी देश में हो या विदेश में, कानून उसे पकड़ ही लेगा।” पुलिस अब रोहित के अन्य संपर्कों की भी जांच कर रही है।

न्यायिक प्रक्रिया और आरोपी के अधिकार

न्यायिक प्रक्रिया के तहत रोहित को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। आरोपी को अपना पक्ष रखने का पूरा अधिकार मिलेगा, लेकिन अदालत में उपस्थित न होने के कारण उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

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अवैध प्रवासियों की बढ़ती संख्या और इसके दुष्परिणाम

डंकी रूट के जरिए अवैध रूप से विदेश जाने की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। ऐसे में सरकार और कानून प्रवर्तन एजेंसियां इस पर रोक लगाने के लिए नई रणनीतियां बना रही हैं। अवैध प्रवासियों को अक्सर खतरनाक परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है, जिसमें गिरफ्तारी, दुर्व्यवहार और शोषण शामिल हैं।

निष्कर्ष: फरारी से जेल तक की कहानी

कैथल के रोहित की कहानी उन लोगों के लिए एक सीख हो सकती है, जो कोर्ट की सुनवाई से बचने के लिए विदेश भागने की कोशिश करते हैं। कानून से बचना नामुमकिन है और अवैध तरीके से विदेश जाकर भी मुश्किलें खत्म नहीं होतीं। रोहित ने चार साल तक फरारी काटी, लेकिन अंत में उसे जेल जाना ही पड़ा।

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