प्लाई फैक्ट्री में भयानक विस्फोट ने लिया एक जान, कई घायल
हरियाणा के कुलां के पास भूना रोड स्थित एक प्लाई फैक्ट्री में सोमवार दोपहर एक हादसे ने हर किसी को झकझोर दिया। दोपहर करीब ढाई बजे फैक्ट्री परिसर में अचानक डीजल टैंक फटने से बड़ा धमाका हुआ, जिसमें एक मजदूर की जान चली गई और अन्य चार कर्मचारी घायल हो गए। इनमें से एक की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है।
धमाके के बाद लगी आग, मच गई अफरा-तफरी
इस विस्फोट के बाद फैक्ट्री में तेज़ आग लग गई, जिससे वहां मौजूद कर्मचारी दहशत में आ गए और तुरंत बाहर की ओर भागे। आग की लपटें इतनी तेज़ थीं कि फैक्ट्री परिसर में खड़ी एक बाइक भी पूरी तरह जलकर खाक हो गई। धमाके के कारण वहां पड़ा कच्चा माल भी जल गया, जिससे बड़ा नुकसान हुआ।
45 वर्षीय मजदूर रघुवीर सिंह की मौके पर मौत
हादसे में झुलसे कर्मचारियों में से 45 वर्षीय रघुवीर सिंह, जो गांव कानीखेड़ी के निवासी थे, की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। फैक्ट्री में मौजूद अन्य लोग इस भयानक हादसे से सन्न रह गए।
गंभीर घायल बलजीत सिंह को हिसार रेफर किया गया
विस्फोट में बुरी तरह से झुलसे दूसरे कर्मचारी बलजीत सिंह, जो कुलां गांव के निवासी हैं, को पहले टोहाना के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, उनकी गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें हिसार के एक बड़े अस्पताल में रेफर कर दिया। बलजीत के परिवार के लोग इस हादसे से सदमे में हैं।
तीन अन्य कर्मचारी मामूली रूप से घायल
इस भयानक दुर्घटना में फैक्ट्री के अन्य तीन कर्मचारी भी झुलस गए। हालांकि, उनकी चोटें गंभीर नहीं थीं और उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद स्थानीय अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
भयावह आग पर करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद पाया काबू
धमाके के तुरंत बाद फैक्ट्री परिसर में आग फैलने लगी, जिसकी सूचना दमकल विभाग को दी गई। धारसूल और भूना से तीन दमकल गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंचीं और करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मेहनत के बाद आग पर काबू पाया गया। दमकल विभाग के कर्मचारियों ने आग को आसपास के क्षेत्रों तक फैलने से रोकने में बड़ी भूमिका निभाई।
पुलिस ने शुरू की जांच, फैक्ट्री मालिक से पूछताछ जारी
सूचना मिलते ही टोहाना के डीएसपी, सदर थाना प्रभारी और स्थानीय चौकी पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस ने मृतक रघुवीर सिंह के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं, फैक्ट्री संचालक से पूछताछ की जा रही है ताकि विस्फोट के सही कारणों का पता लगाया जा सके। प्रारंभिक जांच में डीजल टैंक में लीकेज और लापरवाही को हादसे का संभावित कारण बताया जा रहा है।
धमाके के पीछे लापरवाही या तकनीकी खामी?
इस तरह की दुर्घटनाएं अक्सर सुरक्षा उपायों की कमी और तकनीकी खामियों के कारण होती हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि फैक्ट्री प्रबंधन को नियमित सुरक्षा जांच और मेंटेनेंस पर ध्यान देना चाहिए ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
फैक्ट्री हादसे से इलाके में डर का माहौल
इस घटना के बाद आसपास के क्षेत्रों में खौफ का माहौल है। स्थानीय लोग फैक्ट्री में आग और विस्फोट जैसी घटनाओं को लेकर पहले ही चिंतित थे। उनके अनुसार, फैक्ट्री में सुरक्षा उपायों की कमी इस हादसे की मुख्य वजह हो सकती है।
सरकारी अधिकारियों की प्रतिक्रिया
हादसे के बाद जिलाधिकारी और स्थानीय विधायक ने घटना पर शोक व्यक्त किया और पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा देने की बात कही। वहीं, सरकार ने घटना की जांच के लिए एक विशेष टीम गठित करने के निर्देश दिए हैं।
नुकसान की भरपाई का वादा, लेकिन जिम्मेदारी का सवाल बरकरार
फैक्ट्री संचालक ने पीड़ित परिवारों को सहायता देने का आश्वासन दिया है, लेकिन सवाल यह उठता है कि ऐसी घटनाएं बार-बार क्यों होती हैं। क्या यह हादसा किसी बड़ी त्रुटि का नतीजा है या सुरक्षा नियमों की अनदेखी का परिणाम?
स्थानीय निवासियों की मांग: कड़ी कार्रवाई और जांच जरूरी
हादसे के बाद स्थानीय निवासियों ने प्रदर्शन कर फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि यदि फैक्ट्री में सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन होता तो यह घटना टाली जा सकती थी।
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भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने की जरूरत
इस तरह की घटनाएं हमें याद दिलाती हैं कि औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों का पालन कितना जरूरी है। सरकार और फैक्ट्री प्रबंधन को मिलकर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ऐसे हादसे दोबारा न हों।
निष्कर्ष
कुलां की यह घटना न केवल एक मजदूर की जान लेने वाली और कई जिंदगियों को प्रभावित करने वाली है, बल्कि औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल भी उठाती है। यह समय है जब प्रशासन और फैक्ट्री मालिक गंभीरता से इस दिशा में कदम उठाएं ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदियों से बचा जा सके।
