हरियाणा के फरीदाबाद में पिछले दो महीनों में 8 लड़कियां लापता हो गई हैं, जिनमें से 7 नाबालिग हैं। परिजनों का आरोप है कि यह मामला लव जिहाद से जुड़ा है। लापता लड़कियों के परिजनों और हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए फरीदाबाद पुलिस कमिश्नर कार्यालय में विरोध प्रदर्शन किया और तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
परिजनों की चिंता: लव जिहाद का आरोप, पुलिस से कार्रवाई की मांग
परिजनों का दावा है कि उनकी बेटियों को मुस्लिम युवकों ने बहला-फुसलाकर गायब किया है। कुछ पीड़ित परिवारों का कहना है कि उन्होंने कई बार पुलिस से मदद मांगी, लेकिन संतोषजनक प्रतिक्रिया नहीं मिली। इस बीच हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं का भी कहना है कि लड़कियों को मुस्लिम युवकों ने फंसाकर गायब किया है, और वे पुलिस से जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
एसीपी सेंट्रल की पहल: पीड़ित परिवारों से मुलाकात और आश्वासन
मंगलवार को परिजन और हिंदू संगठन के कार्यकर्ता फरीदाबाद के पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे और पुलिस को ज्ञापन सौंपा। एसीपी सेंट्रल विष्णु प्रसाद ने सभी परिजनों की बात सुनी और संबंधित थानों के अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। एसीपी से मुलाकात के बाद परिजनों को उम्मीद है कि उनकी शिकायतों पर अब गंभीरता से ध्यान दिया जाएगा।
पुलिस का बयान: अब तक नहीं हुई लव जिहाद की पुष्टि, जांच जारी
फरीदाबाद पुलिस के प्रवक्ता का कहना है कि फिलहाल किसी भी मामले में लव जिहाद का एंगल सामने नहीं आया है। पुलिस प्रवक्ता ने कहा कि कुछ लड़कियां हो सकता है कि अपनी मर्जी से गई हों। उन्होंने बताया कि एक केस में तो बालिग लड़की ने हिंदू युवक से ही शादी की है। पुलिस का कहना है कि सभी मामलों की गहनता से जांच की जा रही है और जल्दी ही सच्चाई का खुलासा किया जाएगा।
स्थानीय संगठनों और समाज में बढ़ता आक्रोश
इस मामले ने फरीदाबाद के स्थानीय समाज में चिंता और आक्रोश का माहौल बना दिया है। हिंदू संगठनों ने आरोप लगाया है कि पुलिस की ढिलाई के कारण ऐसे मामले बढ़ रहे हैं। उनके अनुसार, यदि पुलिस समय पर कार्रवाई करती, तो इन घटनाओं को रोका जा सकता था।
परिजनों का दर्द: पुलिस के थानों के चक्कर लगाने के बाद भी नहीं मिली राहत
लापता लड़कियों के परिवार वाले पिछले दो महीनों से थानों के चक्कर काट रहे हैं। एक पीड़ित लड़की की मां ने बताया कि उन्होंने कई बार पुलिस से मदद मांगी, लेकिन किसी भी ठोस कार्रवाई का आश्वासन नहीं मिला। परिजनों का कहना है कि वे अपनी बेटियों की सलामती को लेकर बहुत चिंतित हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि पुलिस जल्द से जल्द उनकी बेटियों को ढूंढ़ निकाले।
पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल
इस मामले में अब पुलिस की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं। कई लोगों का मानना है कि पुलिस को इन मामलों में त्वरित और ठोस कदम उठाने चाहिए। वहीं, पुलिस का कहना है कि वे जल्द ही इन मामलों का खुलासा करेंगे और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
निष्कर्ष: फरीदाबाद में एक संवेदनशील मुद्दा बनता जा रहा है लड़कियों का गायब होना
फरीदाबाद में लड़कियों का गायब होना एक संवेदनशील मुद्दा बनता जा रहा है। पुलिस और प्रशासन को इन मामलों में तेज़ी से कार्रवाई करनी होगी, ताकि परिजनों का विश्वास कानून व्यवस्था पर बना रहे और समाज में शांति और सुरक्षा की भावना को मजबूत किया जा सके।
इस घटना के सभी पहलुओं पर ध्यान देने के लिए जरूरी है कि पुलिस मामलों की निष्पक्ष और गहनता से जांच करे। परिजनों और समाज की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए पुलिस की जिम्मेदारी बनती है कि वे इन घटनाओं का जल्द से जल्द खुलासा करें।
