विदेश भेजने के नाम पर बंधक! 3 महीने से कार्रवाई न होने पर यमुनानगर में आहत दंपती ने किया आत्मदाह का प्रयास

विदेश भेजने के नाम पर बंधक! 3 महीने से कार्रवाई न होने पर यमुनानगर में आहत दंपती ने किया आत्मदाह का प्रयास
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विदेश जाने की चाहत बनी परिवार के लिए दुखद अनुभव

यमुनानगर जिले में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां एक दंपती ने न्याय न मिलने से हताश होकर आत्मदाह करने का प्रयास किया। मामला विदेश भेजने के नाम पर धोखाधड़ी और बंधक बनाने से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि प्रशासन और पुलिस की लापरवाही के कारण इस परिवार को न्याय नहीं मिल पाया, जिसके चलते उन्होंने यह कदम उठाने का फैसला किया।

कैसे हुआ धोखाधड़ी का शिकार?

यमुनानगर जिले के थाना सदर क्षेत्र के गांव पताशगढ़ निवासी कर्मवीर ने अपने बेटे को एक बेहतर भविष्य देने की उम्मीद में विदेश भेजने का फैसला किया। उनका आरोप है कि उनके ही परिवार के एक व्यक्ति और उसके दो साथियों ने उन्हें भरोसा दिलाया कि उनके बेटे प्रीत को थाईलैंड में एक प्रतिष्ठित कॉल सेंटर में नौकरी मिल जाएगी।

थाईलैंड की जगह लाओस पहुंचा प्रीत, बना बंधक

एजेंटों के झांसे में आकर कर्मवीर ने अपने बेटे प्रीत को विदेश भेजने का फैसला किया, लेकिन वादा किए गए थाईलैंड की बजाय उसे लाओस भेज दिया गया। वहां पहुंचते ही प्रीत को कुछ संदिग्ध लोगों ने पकड़ लिया और जबरन ऑनलाइन स्कैम में शामिल होने के लिए दबाव डालने लगे।

बेटे की दर्दनाक कहानी और ब्लैकमेलिंग की शुरुआत

लाओस में बंधक बनाए जाने के बाद प्रीत ने किसी तरह अपने माता-पिता को फोन कर स्थिति की जानकारी दी। बेटे की हालत सुनकर माता-पिता घबरा गए और मदद मांगने लगे। इसी दौरान एजेंटों ने परिवार से फिरौती के रूप में मोटी रकम मांगी। अपने बेटे को बचाने के लिए कर्मवीर और उनकी पत्नी ने अपने घर के जेवर बेचकर पैसे जुटाए और एजेंटों को दिए, जिसके बाद किसी तरह उनका बेटा भारत वापस लौट पाया।

पुलिस और प्रशासन की बेरुखी, नहीं मिली कोई मदद

बेटे की वापसी के बाद कर्मवीर ने थाना सदर यमुनानगर में शिकायत दर्ज करवाई, लेकिन पुलिस ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। जब स्थानीय पुलिस से कोई सहायता नहीं मिली, तो कर्मवीर ने एसपी कार्यालय में भी प्रार्थनापत्र दिया, लेकिन वहां से भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं आया।

न्याय की उम्मीद छोड़कर आत्मदाह का प्रयास

बार-बार शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई न होने से निराश होकर कर्मवीर और उनकी पत्नी ने लघु सचिवालय के बाहर आत्मदाह करने का निर्णय लिया। सोमवार को वे अपने साथ ज्वलनशील पदार्थ की बोतल लेकर पहुंचे और खुद पर तेल डालकर आग लगाने का प्रयास किया।

लोगों की तत्परता से बची जान

सचिवालय के बाहर मौजूद कुछ युवकों ने इस स्थिति को भांप लिया और तुरंत ही उनके हाथ से माचिस छीन ली, जिससे वे जलने से बच गए। आत्मदाह की खबर लगते ही सचिवालय परिसर में हड़कंप मच गया और तुरंत पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने दंपती से पूछताछ की और उन्हें समझाने का प्रयास किया।

पुलिस क्या कह रही है?

एसएचओ थाना सदर यमुनानगर दलीप सिंह ने बताया कि यह मामला आर्थिक अपराध शाखा के पास जांच के लिए भेजा गया है। आर्थिक अपराध शाखा के इंचार्ज सुभाष चंद ने कहा कि 10 फरवरी को इस मामले की शिकायत प्राप्त हुई थी, और जांच के लिए संबंधित बैंक डिटेल्स मांगी गई हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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विदेश जाने की चाहत में न करें जल्दबाजी

यह घटना उन सभी परिवारों के लिए एक चेतावनी है जो बिना पूरी जानकारी लिए एजेंटों पर भरोसा कर लेते हैं। विदेश जाने की चाहत में फर्जी एजेंटों के चंगुल में फंसकर लोग न केवल आर्थिक नुकसान झेलते हैं बल्कि अपनी जान का भी जोखिम उठा लेते हैं।

प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग

इस पूरे मामले में प्रशासन की लापरवाही स्पष्ट रूप से सामने आई है। यदि समय पर पुलिस कार्रवाई करती, तो शायद इस परिवार को इतना बड़ा कदम उठाने की जरूरत न पड़ती। अब देखना यह है कि जांच के बाद एजेंटों पर क्या सख्त कार्रवाई की जाती है या नहीं।

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