सोशल मीडिया से शुरू हुई दोस्ती, ब्लैकमेलिंग तक पहुंची कहानी
हरियाणा की राजनीति में सक्रिय कांग्रेस कार्यकर्ता हिमानी नरवाल की हत्या के बाद पुलिस ने इस चौंकाने वाले हत्याकांड का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी सचिन को गिरफ्तार किया है, जो सोशल मीडिया के जरिए हिमानी नरवाल के संपर्क में आया था। करीब डेढ़ साल पुरानी यह जान-पहचान पिछले छह-सात महीनों में गहरी दोस्ती में बदल गई थी।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी सचिन ने पूछताछ में कबूल किया है कि वह हिमानी की ओर से ब्लैकमेल किया जा रहा था। इसी तनाव के कारण उसने गुस्से में आकर हिमानी की हत्या कर दी। पुलिस ने डीजीपी केके राव की अगुवाई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस हत्याकांड का खुलासा किया।
हत्या की रात: डाटा केबल से गला घोंटकर ली जान
पुलिस के अनुसार, घटना 1 मार्च की शाम करीब 5 बजे हुई। सचिन और हिमानी नरवाल के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई थी। बहस इतनी बढ़ गई कि सचिन अपना आपा खो बैठा और उसने घर में पड़ी डाटा केबल से हिमानी नरवाल का गला घोंट दिया।
हत्या के बाद आरोपी वहां से भागा नहीं, बल्कि कुछ देर तक सोचता रहा कि वह शव को कैसे ठिकाने लगाए। इसके बाद उसने पूरे घर की तलाशी ली और जरूरी सामान लेकर वहां से निकल गया।
हत्या के बाद भी बना रहा प्लान, सूटकेस में पैक किया शव
हत्या के तुरंत बाद सचिन अपने घर गया, लेकिन कुछ देर बाद वह दोबारा हिमानी नरवाल के घर लौटा। वहां उसने खून के धब्बे साफ किए और बाकी सबूतों को भी मिटाने की कोशिश की। इसके बाद उसने हिमानी के शव को सूटकेस में रखा और रात करीब 9 बजे एक ऑटो किराए पर लिया।
पुलिस जांच में सामने आया है कि सचिन ऑटो के जरिए शव को लेकर सांपला बस स्टैंड पहुंचा। वहां पहुंचकर उसने ऑटो को छोड़ दिया और सूटकेस को वहीं फेंककर फरार हो गया।
हत्या के बाद स्कूटी से भागा, लैपटॉप और जेवर भी ले गया
हत्या के बाद सचिन ने हिमानी नरवाल की स्कूटी का इस्तेमाल किया। सबसे पहले वह अपने घर पहुंचा और फिर वापस लौटकर हिमानी का लैपटॉप, मोबाइल और जेवर लेकर वहां से फरार हो गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी को अंदेशा था कि यदि वह पकड़ा गया, तो उसे पैसों की जरूरत पड़ेगी। इसी वजह से उसने अगले दिन एक फाइनेंस कंपनी के पास जाकर जेवरात गिरवी रख दिए और पैसे ले लिए।
रिमांड में खुलेंगे और राज! पैसे के लेनदेन पर अभी भी सवाल
फिलहाल पुलिस इस हत्या का मुख्य कारण पैसे के लेन-देन को मान रही है। हालांकि, अभी यह साफ नहीं हुआ है कि सचिन और हिमानी नरवाल के बीच कितने पैसों को लेकर विवाद था। पुलिस ने कहा है कि आरोपी को रिमांड पर लिया जाएगा और उससे इस मामले में और गहन पूछताछ की जाएगी।
परिजनों ने उठाया शव, अंतिम संस्कार आज
हत्याकांड का खुलासा होने के बाद हिमानी के परिजन पीजीआई पहुंचे और शव को लेकर निकल गए। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के करीब 24 घंटे बाद परिजनों को शव सौंप दिया गया। पुलिस ने बताया कि हिमानी का अंतिम संस्कार वैश्य कॉलेज के पास स्थित श्मशान घाट में किया जाएगा।
पुलिस का दावा: आरोपी ने पहले से बनाई थी हत्या की योजना?
भले ही पुलिस इसे कहासुनी के बाद हुआ अपराध बता रही हो, लेकिन जांच के दौरान कुछ ऐसे सुराग मिले हैं जो बताते हैं कि सचिन पहले से ही इस हत्या की योजना बना चुका था। वह कई दिनों से हिमानी के घर आ-जा रहा था और उसकी गतिविधियां संदेहास्पद लग रही थीं।
अब देखना यह है कि पुलिस की रिमांड के दौरान सचिन से और कौन-कौन से चौंकाने वाले खुलासे होते हैं। क्या यह हत्या सिर्फ पैसों के विवाद में हुई, या इसके पीछे कोई और बड़ा कारण था? पुलिस इस दिशा में भी जांच कर रही है।
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समाज में गूंजा हत्याकांड, राजनीतिक गलियारों में हलचल
हिमानी नरवाल कांग्रेस कार्यकर्ता थीं, इसलिए यह हत्याकांड केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा का विषय बन चुका है। कांग्रेस के कई नेताओं ने हिमानी के लिए न्याय की मांग की है और दोषी को कड़ी से कड़ी सजा देने की अपील की है।
इस हत्याकांड ने समाज में एक बार फिर से महिला सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोग मांग कर रहे हैं कि महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं और इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कानून बनाए जाएं।
निष्कर्ष: जल्द सामने आएंगे और सच!
फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और जांच जारी है। लेकिन अब भी कई सवाल अनसुलझे हैं।
- क्या सच में हिमानी नरवाल आरोपी को ब्लैकमेल कर रही थी?
- पैसों के लेन-देन का असली मामला क्या था?
- हत्या की यह योजना अचानक बनी, या पहले से सोची-समझी थी?
- क्या इस हत्याकांड में और कोई व्यक्ति शामिल था?
इन सभी सवालों के जवाब पुलिस की आगे की जांच और सचिन से पूछताछ के बाद ही सामने आएंगे।
