सीसीटीवी कैमरों और पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से यातायात नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई
करनाल, 31 जनवरी 2025 – शहर में यातायात सुरक्षा को और सख्त करने के उद्देश्य से प्रशासन ने कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जिनसे ट्रैफिक नियमों का पालन करना और अधिक प्रभावी हो जाएगा। इनमें प्रमुख रूप से चौराहों पर नए सीसीटीवी कैमरों की स्थापना और पब्लिक एड्रेसल सिस्टम का सक्रिय इस्तेमाल शामिल है। अब चौराहों पर खड़े वाहन चालकों को न केवल नियमों की याद दिलाई जाएगी, बल्कि उल्लंघन करने पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की जाएगी।
जेबरा क्रॉसिंग पर विशेष ध्यान
शहर में जेबरा क्रॉसिंग को लेकर प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अब से इन जगहों पर खड़े होने वाले वाहनों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। शहर के विभिन्न चौराहों पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरे और पब्लिक एड्रेस सिस्टम का उपयोग करते हुए ट्रैफिक पुलिस अब वाहन चालकों को माइक से चेतावनी देगी। यदि कोई चालक जेबरा क्रॉसिंग के ऊपर खड़ा होता है, तो उसे तुरंत सतर्क किया जाएगा और उल्लंघन की स्थिति में चालान भी काटा जाएगा।
सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में उठे मुद्दे
इस मुद्दे को लेकर अमर उजाला ने चौराहों पर जेबरा क्रॉसिंग की स्थिति और चालान की प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे। इसके बाद, वीरवार को आयोजित एक महत्वपूर्ण सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में उपायुक्त उत्तम सिंह ने इस विषय पर गहरी चिंता जताई और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। बैठक में शहर की ट्रैफिक लाइटों और उनके संचालन के बारे में भी चर्चा की गई, ताकि यातायात की सुगम व्यवस्था सुनिश्चित हो सके।
उपायुक्त उत्तम सिंह और पुलिस अधीक्षक गंगाराम पूनिया ने ट्रैफिक एसएचओ को निर्देश दिए कि वे ट्रैफिक लाइटों के बत्तियों के समय को सुधारने के लिए एक सर्वेक्षण करें। यह कदम सड़कों पर बढ़ती भीड़- भाड़ और जाम को खत्म करने के लिए उठाया जा रहा है। बैठक के दौरान, उपायुक्त ने चालान की प्रक्रिया में सुधार की आवश्यकता की बात की और तेज गति से गाड़ी चलाने और गलत दिशा में वाहन चलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की सिफारिश की।
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स्कूल बसों की जांच के लिए निर्देश
शहर में स्कूल बसों की सुरक्षा को लेकर भी उपायुक्त ने अहम निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिले के सभी स्कूलों की बसों की पूरी जांच की जाएगी। इस दौरान यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी बसों के पास संबंधित दस्तावेज हों और उनके चालक के पास मान्यता प्राप्त लाइसेंस हो। उपायुक्त ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में स्कूल बसों की नियमित जांच करें और रिपोर्ट उपायुक्त कार्यालय में भेजें। इसके लिए उन्होंने 20 दिनों का समय निर्धारित किया, जिसके बाद कार्रवाई का दौर शुरू किया जाएगा।
यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि स्कूल बसों की सुरक्षा से जुड़े कई मुद्दे सामने आए हैं, जिनमें चालक के पास वैध लाइसेंस न होना और बसों का खराब हालत में होना शामिल है। इस जांच में शहर की 2060 स्कूल बसों को शामिल किया जाएगा। इसके अलावा, ऑटो रिक्शा, टैक्सी और अन्य सार्वजनिक परिवहन वाहनों की भी जांच की जाएगी, ताकि यात्री सुरक्षित रह सकें।
हिट एंड रन मामलों में सहायता देने वालों को मिलेगा पांच हजार रुपये
डीसी उत्तम सिंह ने सड़क दुर्घटनाओं के बाद मदद करने वाले लोगों को एक नई राहत योजना का ऐलान किया है। गुड सेमेरिटन कानून के तहत, सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की सहायता करने वाले नागरिकों को पांच हजार रुपये तक का मुआवजा दिया जाएगा। यह कदम दुर्घटना के शिकार लोगों की सहायता करने वाले लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए उठाया गया है।
इस योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दुर्घटनाओं के दौरान घायल व्यक्ति को तुरंत सहायता मिले और उसे अस्पताल पहुंचाने में समय न गवाएं। इस मदद के लिए संबंधित व्यक्ति को एक निर्धारित समय सीमा के भीतर मुआवजा राशि दी जाएगी। इसके अलावा, उन लोगों को 15 अगस्त को सम्मानित भी किया जाएगा।
सड़क सुरक्षा के लिए कदमों का स्वागत
करनाल में सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन द्वारा उठाए गए कदमों को स्थानीय नागरिकों और ट्रैफिक पुलिस द्वारा सराहा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इन उपायों से यातायात नियमों का पालन करना आसान होगा और सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी।
उपायुक्त उत्तम सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि यातायात नियमों का पालन करना सभी की जिम्मेदारी है और हर व्यक्ति को इस ओर जागरूक होने की आवश्यकता है। वहीं, पुलिस अधीक्षक गंगाराम पूनिया ने यह भी कहा कि कानून को तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि समाज में सुरक्षा का माहौल बना रहे।
आगे का रास्ता
कुल मिलाकर, करनाल में यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए प्रशासन द्वारा उठाए गए कदम निश्चित ही सड़क सुरक्षा में सुधार लाएंगे। हालांकि, यह सिर्फ शुरुआत है और प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई में कोई रियायत नहीं दी जाएगी। इससे यह उम्मीद जताई जा रही है कि शहर के नागरिकों के बीच यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और सड़क पर सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
नोट: यह बदलाव और प्रशासन के कदम नागरिकों के बीच यातायात सुरक्षा और बेहतर ट्रैफिक व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकते हैं।
