घटना स्थल पर न पहुंचने की भारी चूक
यमुनानगर जिले में खेड़ी लक्खा गांव के पास हुए डबल मर्डर ने कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस वारदात में शराब कारोबारी पंकज मलिक और उनके साथी को गोलियों से भून दिया गया। इस दिल दहला देने वाली घटना में पांच शूटर शामिल थे, जिन्होंने दिनदहाड़े इस अपराध को अंजाम दिया। हैरानी की बात यह है कि जिस स्थान पर यह वारदात हुई, वह खेड़ी लक्खा पुलिस चौकी से मात्र 100 कदम की दूरी पर था। इसके बावजूद पुलिस मौके पर नहीं पहुंच सकी, और चौकी में तैनात पुलिसकर्मी फायरिंग के दौरान निष्क्रिय बने रहे।
एसपी की त्वरित कार्रवाई: पूरे स्टाफ पर गिरी गाज
घटना के तुरंत बाद एसपी राजीव देसवाल ने पुलिसकर्मियों की लापरवाही को गंभीरता से लिया। उन्होंने चौकी इंचार्ज निर्मल सिंह समेत आठ पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों में तीन एएसआई – सुरेंद्र सिंह, जसवीर सिंह और सुरेंद्र कुमार, हेड कांस्टेबल कृष्ण और कांस्टेबल गुलाब, रवि तथा दलवीर शामिल हैं। एसपी देसवाल ने इस घटना को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि ऐसी लापरवाही अस्वीकार्य है।
नया नेतृत्व: एसआई शमशेर को सौंपी जिम्मेदारी
पुलिस चौकी की कमान अब एसआई शमशेर को सौंपी गई है। उन्हें निर्देश दिया गया है कि वे चौकी के संचालन में सुधार लाएं और सुनिश्चित करें कि भविष्य में ऐसी लापरवाही न हो। यह बदलाव यमुनानगर पुलिस में अनुशासन और जवाबदेही लाने का एक प्रयास है।
वारदात की पूरी कहानी
यह घटना बीते गुरुवार सुबह करीब 8 बजे की है। रादौर क्षेत्र के खेड़ी लक्खा गांव में शराब कारोबारी पंकज मलिक और उनके साथियों पर पांच शूटरों ने हमला किया। बदमाशों ने जिम के बाहर घात लगाकर गोलियां चलाईं। पंकज मलिक और उनके साथी ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इस वारदात को अंजाम देने के बाद शूटर मौके से फरार हो गए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गोलीबारी की आवाज सुनकर वहां अफरातफरी मच गई। घटनास्थल पर पुलिस की तत्काल मौजूदगी से इस घटना को रोका जा सकता था, लेकिन चौकी के पुलिसकर्मी मौके पर नहीं पहुंचे।
स्थानीय चौकी की भूमिका पर उठे सवाल
जिस जिम के बाहर यह वारदात हुई, वह पुलिस चौकी से केवल 100 कदम की दूरी पर स्थित है। घटना के दौरान पुलिस चौकी में मौजूद स्टाफ ने न तो बाहर आकर स्थिति को संभालने का प्रयास किया और न ही बदमाशों का पीछा किया। स्थानीय लोगों का कहना है कि चौकी के कर्मचारी इस घटना के दौरान अपनी सुरक्षा को लेकर ज्यादा चिंतित थे और चौकी में ही छिपे रहे।
एसपी का बयान: जवाबदेही तय होगी
एसपी राजीव देसवाल ने कहा, “घटना के समय पुलिसकर्मियों की निष्क्रियता से स्पष्ट होता है कि सुरक्षा में गंभीर चूक हुई है। ऐसे में, पूरी चौकी पर कार्रवाई करना जरूरी था। हमने इस मामले में तत्काल प्रभाव से सख्त कदम उठाए हैं।” उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की जांच पूरी पारदर्शिता से की जाएगी और दोषियों को सजा मिलेगी।
गैंगवार की पृष्ठभूमि
यह वारदात यमुनानगर में गैंगवार का नतीजा मानी जा रही है। पंकज मलिक का शराब के कारोबार में अच्छा दबदबा था, लेकिन इस व्यवसाय में कई प्रतिद्वंद्वी भी हैं। शुरुआती जांच में पता चला है कि इस हमले के पीछे एक प्रतिद्वंद्वी गैंग का हाथ हो सकता है।
स्थानीय निवासियों में दहशत
इस घटना के बाद से स्थानीय लोगों में भय का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि पुलिस चौकी के पास ऐसी घटना होना पुलिस की कार्यक्षमता पर बड़ा सवाल है।
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भविष्य के लिए कड़े कदम
यमुनानगर पुलिस इस घटना के बाद सतर्क हो गई है। एसपी ने अन्य चौकियों को भी सतर्क रहने और त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। एसपी ने यह भी कहा कि पुलिस की लापरवाही की वजह से ऐसी घटनाओं को दोहराया नहीं जा सकता।
निष्कर्ष: पुलिस की साख पर संकट
इस डबल मर्डर केस ने यमुनानगर पुलिस की साख पर गहरा असर डाला है। जहां एक ओर इस घटना ने गैंगवार की बढ़ती समस्या को उजागर किया है, वहीं दूसरी ओर पुलिस की निष्क्रियता ने आम जनता की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं खड़ी की हैं। हालांकि, एसपी द्वारा उठाए गए त्वरित कदम से उम्मीद है कि यह घटना पुलिस तंत्र में सुधार का माध्यम बनेगी।
मुख्य प्रश्न: क्या पुलिस विभाग इस घटना से सबक लेकर भविष्य में अपराध नियंत्रण में सुधार कर पाएगा?
