यमुनानगर: चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की दबंगई, महिला अधिकारी को जान से मारने की धमकी, पुलिस से मारपीट, गाड़ियों में तोड़फोड़

यमुनानगर: चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की दबंगई, महिला अधिकारी को जान से मारने की धमकी, पुलिस से मारपीट, गाड़ियों में तोड़फोड़
Spread the love

रोजगार कार्यालय में मचा हंगामा, कर्मचारी की गुंडागर्दी का खुलासा

हरियाणा के यमुनानगर में स्थित रोजगार कार्यालय में चतुर्थ श्रेणी के एक कर्मचारी द्वारा किए गए हंगामे से अफरा-तफरी मच गई। आरोपी कर्मचारी ने न केवल कार्यालय में महिला अधिकारी से अभद्रता की, बल्कि उन्हें जान से मारने की धमकी भी दे डाली। यही नहीं, जब पुलिस मौके पर पहुंची तो आरोपी और उसके साथियों ने पुलिसकर्मियों के साथ भी हाथापाई कर दी। इस दौरान गुस्साए कर्मचारियों ने सरकारी गाड़ियों को भी निशाना बनाया और तोड़फोड़ की।

कर्मचारी ने खुद को किया घायल, उग्र हुआ मामला

मिली जानकारी के अनुसार, रोजगार कार्यालय में तैनात संतोष रानी नामक महिला अधिकारी ने बताया कि एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने कार्यालय में आकर हंगामा करना शुरू कर दिया। जब उसे रोका गया, तो उसने अन्य कर्मचारियों से भी बदसलूकी की और फिर अपने दो-तीन अन्य साथियों को बुलाकर माहौल को और तनावपूर्ण बना दिया। देखते ही देखते स्थिति इतनी बिगड़ गई कि आरोपी ने कार्यालय में रखा कांच का ग्लास तोड़कर खुद को घायल कर लिया।

महिला अधिकारी को दी जान से मारने की धमकी

घटना के दौरान आरोपी ने संतोष रानी को खुलेआम जान से मारने की धमकी दी। इस घटना से कार्यालय में मौजूद अन्य कर्मचारी भी सहम गए। कार्यालय में अफरा-तफरी मच गई, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। महिला अधिकारी ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि यह कर्मचारी पहले भी इस तरह की हरकतें कर चुका है और कई बार कार्यालय का माहौल बिगाड़ चुका है।

पुलिस पर भी किया हमला, सरकारी गाड़ियों में तोड़फोड़

जैसे ही घटना की जानकारी यमुनानगर शहर थाने को मिली, एक एएसआई तुरंत मौके पर पहुंचा। लेकिन हालात इतने खराब थे कि आरोपी और उसके साथियों ने पुलिसकर्मी पर भी हमला कर दिया। यही नहीं, उन्होंने पुलिस की गाड़ी के साथ-साथ एक अन्य गाड़ी में भी तोड़फोड़ की। इस दौरान स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अन्य पुलिस बल को बुलाना पड़ा।

एसएचओ पहुंचे मौके पर, घायल कर्मचारी और पुलिसकर्मी अस्पताल में भर्ती

हालात बिगड़ते देख शहर थाना यमुनानगर के एसएचओ नरेंद्र सिंह खुद मौके पर पहुंचे और स्थिति को काबू में किया। आरोपी कर्मचारी को तुरंत हिरासत में लिया गया और घायल पुलिसकर्मी व आरोपी को सिविल अस्पताल, यमुनानगर में भर्ती कराया गया। अस्पताल में भी आरोपी ने हंगामा किया, जिससे वहां मौजूद मरीज और डॉक्टर भी परेशान हो गए।

पहले भी कर चुका है ऐसी हरकतें, महिला अधिकारी ने दी थी शिकायत

महिला अधिकारी संतोष रानी के अनुसार, आरोपी कर्मचारी इससे पहले भी कार्यालय में कई बार अभद्र व्यवहार कर चुका है। उन्होंने पहले भी इसकी शिकायत की थी, लेकिन कोई सख्त कार्रवाई नहीं हुई थी। इस बार मामला बढ़ने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और जांच जारी है।

एसएचओ का बयान: जांच के बाद होगी कड़ी कानूनी कार्रवाई

एसएचओ नरेंद्र सिंह ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि कर्मचारी और पुलिसकर्मी के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था, जो बाद में हिंसक झड़प में बदल गया। पुलिस इस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और जल्द ही उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

यह भी पढ़ें: सोनीपत में दर्दनाक हादसा: मानसिक दिव्यांग बेटे को बचाने दौड़े पिता, ट्रेन की चपेट में आकर दोनों की मौत

समाज में बढ़ती गुंडागर्दी पर सवाल

यह घटना न केवल सरकारी कार्यालयों की सुरक्षा पर सवाल उठाती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि कुछ असामाजिक तत्व किस तरह से अनुशासनहीनता की हदें पार कर रहे हैं। सरकारी दफ्तरों में कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाने की जरूरत है, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

निष्कर्ष: यमुनानगर रोजगार कार्यालय में हुई इस घटना ने सरकारी कार्यालयों में सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ दी है। पुलिस की कार्रवाई और प्रशासन की सतर्कता अब इस बात पर निर्भर करेगी कि ऐसे मामलों को भविष्य में रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

One thought on “यमुनानगर: चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की दबंगई, महिला अधिकारी को जान से मारने की धमकी, पुलिस से मारपीट, गाड़ियों में तोड़फोड़

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *