इंग्लैंड दौरे पर टीम इंडिया के खिलाड़ी: जब मौका सामने था, पर किस्मत ने साथ नहीं दिया! तीन सितारे रहे हाशिए पर

इंग्लैंड दौरे पर टीम इंडिया के खिलाड़ी: जब मौका सामने था, पर किस्मत ने साथ नहीं दिया! तीन सितारे रहे हाशिए पर
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इंग्लैंड दौरे पर टीम इंडिया के खिलाड़ी कुछ ऐसे भी रहे जिनके लिए यह सीरीज एक कठिन इंतजार, निराशा और अधूरे सपनों की तस्वीर बनकर रह गई। जहां पांच मैचों की इस ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज में कुल 16 खिलाड़ियों को आजमाया गया, वहीं तीन ऐसे चेहरे—अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव और अभिमन्यु ईश्वरन—पूरी सीरीज में प्लेइंग-11 से बाहर रहकर केवल बेंच पर ही बैठे रहे। उनमें से दो खिलाड़ी तो अभी तक भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू भी नहीं कर पाए हैं।

इंग्लैंड दौरे पर टीम इंडिया की टेस्ट सीरीज रणनीति और ‘बेंच स्ट्रेंथ’ का सच

31 जुलाई से लंदन के ओवल क्रिकेट ग्राउंड पर खेले गए अंतिम टेस्ट में चार बड़े बदलावों ने सबका ध्यान खींचा। विकेटकीपर ध्रुव जुरेल को पहली बार मौका मिला, वहीं प्रसिद्ध कृष्णा, आकाश दीप और करुण नायर की टीम में वापसी हुई।
अब जब 16 में से 13 खिलाड़ियों को इस दौरे में मैच खेलने का मौका मिल गया, तो सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव और अभिमन्यु ईश्वरन को प्लेइंग-11 में जगह क्यों नहीं मिल सकी?

अर्शदीप सिंह: डेब्यू का दरवाजा बार-बार खुलकर भी बंद क्यों हुआ?

पंजाब के युवा तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह इस दौरे पर टेस्ट डेब्यू के सबसे करीब थे।
एजबेस्टन में खेले गए दूसरे टेस्ट से पहले यह चर्चा तेज थी कि उन्हें अंतिम-11 में शामिल किया जाएगा, लेकिन टीम मैनेजमेंट ने अनुभवी आकाश दीप को तरजीह दी।

सीरीज के चौथे टेस्ट से पहले अर्शदीप का खेलना लगभग तय माना जा रहा था, लेकिन एक मामूली सी चोट ने उनके सपनों पर पानी फेर दिया। ट्रेनिंग सेशन के दौरान उनके बाएं हाथ की उंगली में कट लग गया, जिससे वह चयन से बाहर हो गए।

कप्तान शुभमन गिल ने अंतिम टेस्ट से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में संकेत दिए थे कि अर्शदीप खेल सकते हैं, लेकिन अंतिम निर्णय में प्रसिद्ध कृष्णा को प्राथमिकता दी गई।

सवाल यह उठता है कि यदि किसी खिलाड़ी को हर बार इतने करीब ले जाकर किनारे कर दिया जाएगा, तो उसकी मानसिक स्थिति पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

कुलदीप यादव: Wrist Spinner की अनदेखी और टीम मैनेजमेंट की ‘ऑलराउंडर’ सोच

चाइनामैन स्पिनर कुलदीप यादव, जिनकी गिनती भारत के सर्वश्रेष्ठ कलाई के स्पिनरों में होती है, इस सीरीज में चर्चा में तो रहे लेकिन मैदान से बाहर ही रहे।

कई बार उम्मीद थी कि उन्हें कम से कम एक टेस्ट मैच में मौका मिलेगा। लेकिन हर बार टीम मैनेजमेंट ने उन खिलाड़ियों को तरजीह दी जो गेंदबाजी के साथ-साथ बल्लेबाजी में भी योगदान दे सकें—जैसे कि शार्दुल ठाकुर और वॉशिंगटन सुंदर।

यह चयन नीति अपने आप में बहस का विषय रही। विशेषज्ञों का मानना है कि इंग्लैंड की पिचों पर स्पिनर का रोल निर्णायक हो सकता है, फिर भी कुलदीप जैसे ट्रम्प कार्ड को बेंच पर रखना समझ से परे है।

अभिमन्यु ईश्वरन: घरेलू क्रिकेट का सितारा, टीम इंडिया में एक अनदेखा नाम

अभिमन्यु ईश्वरन, बंगाल के ओपनिंग बल्लेबाज, साल 2021 में पहली बार इंग्लैंड दौरे पर भारतीय टीम का हिस्सा बने थे। लेकिन चार साल बाद भी वह डेब्यू नहीं कर पाए।

उन्होंने रणजी ट्रॉफी और घरेलू टूर्नामेंट्स में लगातार रन बनाए हैं। उनकी तकनीक, मानसिकता और धैर्य की काफी सराहना होती रही है। बावजूद इसके, उन्हें सिर्फ एक रिजर्व खिलाड़ी की भूमिका में रखा गया।

पिछली ऑस्ट्रेलिया टेस्ट सीरीज में भी वे टीम में तो थे लेकिन मैदान पर नहीं उतर सके। मौजूदा इंग्लैंड सीरीज में उनके नाम पर ना कोई प्रेस कांफ्रेंस में सवाल उठा, ना ही सोशल मीडिया में खास चर्चा हुई।

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