कभी माना गया T20 का धांसू फिनिशर रिंकू सिंह … फिर अचानक आउट ऑफ फॉर्म, अब एशिया कप में सरप्राइज एंट्री

कभी माना गया T20 का धांसू फिनिशर रिंकू सिंह … फिर अचानक आउट ऑफ फॉर्म, अब एशिया कप में सरप्राइज एंट्री
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शुरुआत हीरो जैसी, आज सवालों के घेरे में…

भारतीय क्रिकेट में पिछले कुछ सालों में कई नाम उभरे, जिन्होंने न सिर्फ दर्शकों का दिल जीता बल्कि टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। इन्हीं में से एक नाम है रिंकू सिंह। कभी टी20 क्रिकेट में ‘फिनिशिंग मास्टर’ कहे जाने वाले इस खिलाड़ी का बल्ला आजकल खामोश है। हालिया समय में उनका प्रदर्शन औसत से भी नीचे रहा है, लेकिन इसके बावजूद रिंकू सिंह एशिया कप 2025 टीम का हिस्सा बने हैं। सवाल यही है कि क्या यह चयन उम्मीद जगाता है या विवाद खड़ा करता है?

आईपीएल से मिली पहचान, रातों-रात स्टार बने

रिंकू सिंह ने 2023 के आईपीएल सीजन में कोलकाता नाइट राइडर्स की ओर से खेलते हुए 474 रन बनाकर सभी को चौंका दिया था। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी, आखिरी ओवरों में लंबे छक्के और कभी हार न मानने वाली मानसिकता ने उन्हें क्रिकेट का नया फिनिशर बना दिया।

उनका नाम तब और चर्चित हुआ जब उन्होंने गुजरात टाइटंस के खिलाफ 5 गेंदों में लगातार 5 छक्के लगाकर असंभव सी दिख रही जीत को संभव कर दिखाया। उस रात सोशल मीडिया पर उन्हें ‘सुपर रिंकू’ और ‘मिरेकल मैन’ कहा गया।

डेब्यू से शानदार आगाज़

आईपीएल में दमदार प्रदर्शन के बाद 2023 में रिंकू को आयरलैंड के खिलाफ डेब्यू का मौका मिला। इसके बाद उनका बल्ला लगातार गरजता रहा। 2023-24 तक रिंकू ने 19 पारियों में लगभग 480 रन बनाकर यह साबित कर दिया कि वह सिर्फ आईपीएल तक सीमित नहीं, बल्कि इंटरनेशनल स्तर पर भी भारत की जीत की कुंजी बन सकते हैं।

उनकी औसत 59 और स्ट्राइक रेट 175 से ऊपर रहा, जो कि टी20 क्रिकेट में किसी भी बल्लेबाज के लिए ‘ड्रीम स्टैट्स’ कहे जाते हैं।

लेकिन फिर क्या हो गया?

2024 के अक्टूबर तक सबकुछ शानदार था। लेकिन बांग्लादेश सीरीज के बाद अचानक रिंकू का ग्राफ गिरने लगा।

  • साउथ अफ्रीका और इंग्लैंड के खिलाफ पिछली 7 पारियों में वह सिर्फ 67 रन ही बना पाए।
  • स्ट्राइक रेट 101 तक गिर गया, जो कि उनके आक्रामक अंदाज़ से बिल्कुल मेल नहीं खाता।
  • आईपीएल 2024 और 2025 में भी वह पूरी तरह फ्लॉप रहे।

2024 में उन्होंने 15 मैचों में सिर्फ 168 रन बनाए, और 2025 में 206 रन। सबसे बड़ी चिंता यह रही कि पिछले 28 आईपीएल मैचों में वह एक भी पचास नहीं बना सके।

फॉर्म से जूझते रिंकू सिंह की वापसी

हालांकि आलोचनाओं के बीच रिंकू सिंह ने यूपी टी20 लीग में धमाकेदार वापसी की कोशिश की। मेरठ मावेरिक्स की ओर से खेलते हुए उन्होंने गोरखपुर लायंस के खिलाफ 48 गेंदों पर 108 रन जड़ दिए। यह शतक इस बात का सबूत था कि उनके अंदर अब भी वही धाकड़ बल्लेबाज छिपा है, जिसे मौका और आत्मविश्वास दोनों की जरूरत है।

एशिया कप 2025 में मौका – सरप्राइज या स्ट्रैटजी?

सेलेक्टर्स ने तमाम आलोचनाओं को दरकिनार करते हुए रिंकू को एशिया कप टीम में शामिल कर लिया है। यह चयन कई मायनों में चौंकाने वाला है।

  • एक तरफ उनके हालिया आंकड़े बेहद कमजोर हैं।
  • दूसरी ओर उनका अतीत बताता है कि जब वह लय में हों, तो अकेले मैच का रुख बदलने का दम रखते हैं।

यही वजह है कि चयनकर्ताओं ने उन्हें “Surprise Entry” देते हुए टीम का हिस्सा बनाया।

टीम इंडिया को क्यों चाहिए रिंकू सिंह?

भारत की मौजूदा टी20 टीम में लोअर मिडल ऑर्डर की स्थिरता अब भी सवालों में है। दिनेश कार्तिक जैसे अनुभवी फिनिशर संन्यास ले चुके हैं और हार्दिक पंड्या भी चोट और फॉर्म से जूझते दिखे हैं। ऐसे में टीम को एक भरोसेमंद फिनिशर चाहिए, जो आखिरी ओवरों में ‘गेम चेंजर’ बन सके।

रिंकू सिंह इस भूमिका में फिट बैठते हैं। उनका घरेलू रिकॉर्ड और शुरुआती इंटरनेशनल प्रदर्शन यही दर्शाता है कि उन्हें नज़रअंदाज़ करना शायद जल्दबाज़ी होती।

क्या रिंकू फिर से खुद को साबित कर पाएंगे?

रिंकू सिंह के सामने अब दो रास्ते हैं –

  1. या तो वह इस मौके का पूरा फायदा उठाकर अपने आलोचकों को चुप कराएं।
  2. या फिर उनकी गिनती उन खिलाड़ियों में होने लगेगी जो कभी चमके लेकिन लगातार प्रदर्शन न कर पाने की वजह से टीम से बाहर हो गए।

दर्शकों और क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें अब एशिया कप में उनके हर शॉट पर होंगी।

रिंकू सिंह की कहानी – संघर्ष से सितारों तक

रिंकू की जिंदगी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं। मेरठ की गलियों से निकलकर इंटरनेशनल क्रिकेट तक पहुंचने का उनका सफर संघर्ष से भरा रहा है। मजदूर परिवार से ताल्लुक रखने वाले रिंकू ने पैसों की तंगी से लेकर असफलताओं तक सबकुछ झेला, लेकिन कभी हार नहीं मानी।

यही जज़्बा उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाता है। शायद यही वजह है कि बोर्ड अब भी उन पर भरोसा कर रहा है।

निष्कर्ष – उम्मीदों का बोझ या नए इतिहास की नींव?

एशिया कप 2025 रिंकू सिंह के करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है। अगर उन्होंने यहां अपनी पुरानी लय पकड़ ली, तो न सिर्फ भारतीय टीम को एक मजबूत फिनिशर मिलेगा बल्कि आने वाले टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए भी वह ‘किंगपिन’ साबित हो सकते हैं।

लेकिन अगर उनका बल्ला फिर खामोश रहा, तो यह मौका शायद उनके हाथ से निकल जाएगा।

फिलहाल क्रिकेट प्रेमी यही दुआ कर रहे हैं कि रिंकू सिंह एशिया कप 2025 में वही पुराने अंदाज़ में लौटें और टीम इंडिया को जीत का तोहफा दें।

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