टीम इंडिया नंबर 3 समस्या नई नहीं है, लेकिन इंग्लैंड दौरे पर यह फिर से उभरकर आई: गिल ने नंबर 4 पर दमदार प्रदर्शन किया, लेकिन अब नंबर 3 की गुत्थी का समाधान कौन निकालेगा?
टीम इंडिया नंबर 3 समस्या इंग्लैंड सीरीज की एक गहरी चिंता बन चुकी है। जहां युवा कप्तान शुभमन गिल ने नंबर 4 पोजीशन पर शानदार बल्लेबाजी कर यह साबित कर दिया कि वह इस जगह पर ठहर सकते हैं, वहीं नंबर 3 की भूमिका अभी तक सुलझी नहीं है — इस संकट का हल ढूंढना अब गिल और गौतम गंभीर के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन चुका है।
इंग्लैंड दौरे पर टीम इंडिया ने एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी को 2-2 से ड्रॉ पर समाप्त किया। इस श्रृंखला ने एक बार फिर से अंगुलियों की तरह गिना गया नंबर 3 बल्लेबाजी क्रम का संकट उजागर कर दिया। युवा कप्तान शुभमन गिल ने अपनी बल्लेबाजी क्षमता से नंबर 4 पोजीशन पर अपनी जगह पक्की कर दी, लेकिन टीम प्रबंधन अभी तक नंबर 3 की तलाश में उलझा हुआ है।
2. गिल का नंबर 4 पर दबदबा
– शुबमन गिल ने इंग्लैंड में कुल 754 रन बनाए। उस समय उनके 32 टेस्ट में एवरेज 35.05 था, जो अब 37 मैचों में बढ़कर 41.35 हो गया है। उनके रन 2647 और शतक चार और बढ़े।
– इस बैकड्रॉप में, गिल ने नंबर 4 पोजीशन पर सिर्फ अनुभव नहीं बल्कि आत्मविश्वास और आक्रामकता का प्रदर्शन भी किया है।
नंबर 3 की दो कोशिशें: करुण नायर और साई सुदर्शन
– साई सुदर्शन: तीन मैचों में नंबर 3 पर खिला, पांच पारियों में 140 रन (औसत 23.33), स्ट्राइक रेट 41.05, एक अर्धशतक (61), 18 चौके।
– करुण नायर: दो मैचों में चार पारियों में 111 रन (औसत 27.75), स्ट्राइक रेट 58.11, सबसे बड़ी पारी 40, 15 चौके ।
– निष्कर्ष: दोनों ही नंबर 3 पर स्थापित नहीं हो पाए।
पुरानी विरासत: पुजारा और द्रविड़
– चेतेश्वर पुजारा: नंबर 3 पर 94 टेस्ट मैचों (155 पारियों) में 6529 रन, एवरेज 44.41, 18 सेंचुरी और 32 हाफ सेंचुरी ।
– राहुल द्रविड़: नंबर 3 पर टेस्ट इतिहास के सबसे सफल भारतीय, 217 पारियों में 10501 रन, एवरेज 53.30, 28 शतक और 50 अर्धशतक।
– इन महान खिलाड़ियों की उपलब्धियां याद दिलाती हैं कि नंबर 3 की भूमिका कितनी अहम होती है।
विशेषज्ञों का दृष्टिकोण
– आकाश चोपड़ा ने यह संकट फिर से उभरने की बात कही: “The No.3 conundrum is back…”।
– रविचंद्रन अश्विन ने करुण नायर को आलोचना का निशाना बनाते हुए कहा कि उनके लिए अचानक नंबर 3 की पोजीशन “tactical error” थी, और उन्होंने साई सुदर्शन को इस स्थान की स्थिरता के लिए आगे बढ़ने की सलाह दी ।
WTC रैंकिंग और श्रृंखला का महत्व
– इंग्लैंड सीरीज समाप्ति के बाद, टीम इंडिया ने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) पॉइंट्स टेबल में चौथे से तीसरे स्थान पर उछाल मारने में सफलता पाई, जबकि इंग्लैंड चौथे पर आ गया ।
– हालांकि, यह तकनीकी उपलब्धि, नंबर 3 की चूक से कहीं अधिक अहम रही—यह कप्तान गिल और टीम सलाहकार गंभीर के लिए अब प्राथमिक चिंता बन चुकी है।
गिल-गंभीर के लिए विकल्प
आगे के विकल्पों पर ध्यान देना होगा:
- साई सुदर्शन को लगातार खेलने का मौका देकर उसे नंबर 3 की जिम्मेदारी सौंपना।
- करुण नायर को स्पिनर्स के खिलाफ अनुमानित परिस्थितियों में आज़माना।
- अनुभवी वापसी के लिए पुजारा को किसी विशेष मैच (शायद घरेलू) में टीम में जगह देना और देखना।
- कप्तान गिल और तकनीकी सीनियर्स जैसे गौतम गंभीर की सलाह पर आधारित दीर्घकालिक रणनीति बनाना।
निष्कर्ष
टीम इंडिया नंबर 3 समस्या अब सिर्फ एक चयन विषय नहीं, बल्कि टीम की रणनीतिक स्थिरता और भविष्य की तैयारी का सूचक बन चुकी है। गिल ने नंबर 4 पोजीशन पर अपनी पकड़ बनाई है, लेकिन नंबर 3 की भूमिका अभी भी खुली है। समय की मांग है कि क्रिकेट प्रबंधन, कप्तानी और अनुभवी सलाहकार मिलकर इसके लिए स्पष्ट दिशा तय करें—चाहे वह साई, नायर या पुजारा हों—यह विकल्प टीम की पहचान और संतुलन के लिए अहम है।
